वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मरीजों को मिली थी इलाज की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में स्थापित नौ टेलीमेडिसिन केंद्रों पर ताला लग गया है। सेवा प्रदाता कंपनी ने कर्मियों को 10 माह से मानदेय नहीं दिया है। इसके चलते सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पा संकट खड़ा हो गया है। केंद्र बंद होने से ह्रदय व न्यूरो संबंधी बीमारियों के मरीजों को चिकित्सकों का परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
जिले के हर्रैया, परशुरामपुर, दुबौलिया, विक्रमजोत, गौर, कप्तानगंज, सांऊघाट व भानपुर में टेलीमेडिसिन की सुविधा है। उक्त सीएचसी पर स्थापित टेलीमेडिसिन केंद्र पर करीब माह भर से ताला लटक रहा है। इन केंद्रों पर मरीजों को वीडियो कंसल्टेंट के माध्यम से ह्रदय स्किन, यूरोलॉजी व न्यूरो से संंबंधित समस्याओं का इलाज होता था। मरीजों को विशेषज्ञ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से परामर्श देते थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को जटिल बीमारियों में बेहतर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने के लिए यह केंद्र कारगर साबित हो रहे थे। सीएचसी पर स्थापित केंद्र पर दर्जनों दो दर्जन से अधिक मरीज इस सुविधा का लाभ लेने आते थे। लेकिन महीने भर से सभी केंद्रों पर ताला लगा हुआ है। इस बारे में जब चिकित्सा महकमें से से जानकारी की गई तो पता चला कि सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से कंप्यूटर ऑपरेटरों को दस माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। जिससे सभी ने केंद्र पर आना बंद कर दिया और यह सुविधा ठप हो गई।
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कोट
टेलीमेडिसिन सेवा एक आउटसोर्स कंपनी की मदद से संचालित की जाती है। माह भीर से केंद्र पर ताला लटक रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
-डॉ. बृजेश शुक्ल, एमओआईसी