फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच से 18 साल उम्र के लोगों के नमूने लेने पर जोर

विज्ञापन
विज्ञापन
पांच से 18 साल उम्र के लोगों के नमूने लेने पर जोर
विज्ञापन

बस्ती। पांच से 18 साल की उम्र वालों की कोविड-19 जांच पर स्वास्थ्य विभाग का विशेष फोकस होगा। सैंपलिंग करने वाली टीम इस उम्र के लोगों का विशेष रूप से आरटीपीसीआर सैंपल लेगी।
कोविड की तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जांच पर फोकस कर इस उम्र में कोविड के फैलाव को रोकने का प्रयास किया जाएगा। कोविड की तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है।
विज्ञापन

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में 18 साल और उससे ऊपर के सभी लोगों को शामिल कर लिया गया है। लगभग पांच लाख लोगों को कोविड रोधी टीका लगाया जा चुका है तथा अभी भी अभियान चलाकर इस कैटेगरी का टीकाकरण किया जा रहा है। 18 साल से कम उम्र वालों के लिए अभी तक देश में कोई टीका उपलब्ध नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर कोविड की तीसरी लहर आती है तो सर्वाधिक उन्हीं लोगों को प्रभावित करेगी, जिन्हें टीका नहीं लगा है। इसमें बड़ी संख्या 18 साल से कम उम्र वालों की होगी।
विज्ञापन

शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि कोविड की सैंपलिंग के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है, उसमें एक उचित संख्या में पांच से 18 साल वालों की जांच जरूर की जाए। कोविड के फैलाव को रोकने के लिए जारी ट्रिपल टी फार्मूले में टेस्टिंग का विशेष स्थान है। अगर किसी मरीज की जांच से समय से उसकी बीमारी का पता चल जाए तो इलाज करना आसान होता है। ज्यादा से ज्यादा इस कैटेगरी की सैंपलिंग करके रोग के फैलाव को रोका जा सकता है। इस संबंध में सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देशित भी किया जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें