बस्ती। मुख्य अभियंता कार्यालय पर बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य दोपहर 3 बजे मुख्य अभियंता कार्यालय पर जुटे और प्रदर्शन किया।
समिति के संयोजक अशर्फी लाल ने कहा कि बिजली निगमों का निजीकरण कहीं से भी जनता के हित में नहीं है। अगर इन निगमों का निजीकरण हो गया तो इसका सबसे ज्यादा असर इस क्षेत्र में रहने वाली गरीब जनता पर पड़ेगा।
उन्हें मिलने वाली बिजली महंगी हो जायेगी। इन बिजली निगमों को एक योजना के तहत निजी क्षेत्रों को सौंपा जा रहा है। राज्य विद्युत अभियंता संघ से क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार ने कहा कि यह कर्मचारी एकता का ही परिणाम है कि अभी तक विद्युत निगमों का निजीकरण नहीं हो पाया है।
हम अपनी मांगाें पर डटे हैं। उन्होंने कहा पूर्वांचल और दक्षिणांचल बिजली निगमों में नियमित और संविदा कर्मचारियों को मिला कर कुल लगभग 77 हजार कर्मचारी काम करते हैं। निगमों का निजीकरण इन कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है। संवाद