बस्ती। बिजली संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए जिले में रीवैंप योजना लागू है। इसके तहत 84 करोड़ रुपये खर्च कर जर्जर तारों व खभों को बदला जाएगा। शहर में अभी तक महज पांच जगहों पर ही काम हो पाया है। जबकि ग्रामीण इलाकों में सुस्त गति से काम चल रहा है। पांच महीने में कार्यदायी संस्था अभी तक महज 70 किमी ही तार और 1318 खंभे बदल पाई है।
उल्लेखनीय है कि जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तहत चार से पांच दशक पुरानी बिजली लाइन है। जो जर्जर हो चुकी है। इनकी हालत ऐसी है कि जैसे ही बिजली खपत बढ़ती है तार स्वत: टूटकर गिर जाते हैं। गर्मी में शायद ही ऐसा कोई दिन रहा हो जिस दिन शहर में टूटकर गिरे न हों। बारिश के मौसम या तेज हवा चलने पर स्थिति और भी खराब हो जाती है। कार्यदायी संस्था राज कारपोरेशन ने फरवरी से जर्जर लाइनों का सर्वे किया। जो अप्रैल में जाकर पूरा हुआ। मई से ग्रामीण इलाकों में काम शुरू किया। योजना के तहत जिले में एलटी लाइन के 11031 खंभों में से महज 1318 ही बदले गए हैं।
पुरानी जर्जर हो चुकीं एलटी लाइनों को हटाकर करीब 1200 किमी एबी केबल लगाया जाना है। अभी तक 70 किमी लाइन बदली गई है। 11 व 33 केवी एचटी लाइन को भी बदला जाना है। 11 केवी लाइन का 5593 खंभा बदला जाना है। अभी तक 274 खंभे बदले गए हैं। चार सौ किमी एलटी लाइन का तार बदला जाना है जिसमें अभी तक 1.59 किमी ही बदला गया है। 33 केवी लाइन में 941 खंभे और 108 किमी तार बदला जाना है। इसका कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया।
46 जगहों पर पूरा हो चुका है काम
- रीवैंप योजना के तहत शहर सहित 46 जगहों पर काम पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था के अनुसार, शहर में गांधीनगर उपकेंद्र के तहत पांच जगहों पर रीवैंप योजना के तहत एलटी लाइन बदली जा चुकी है। पांचों जगह कांशीराम आवास क्षेत्र में हैं। इसके अलावा विद्युत उपकेंद्र मखौड़ा के चार, गौर के 14, श्रृंगीनारी के 14 और सल्टौआ के नौ गांवों में खंभे व तार बदले जा चुके हैं। करीब दर्जनभर गांवों में अभी काम चल रहा है।
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- आए दिन जर्जर तार टूटकर गिर रहे हैं। शुक्रवार को रात नौ से 12 बजे तक तार टूटने के कारण बिजली आपूति बाधित रही। हमारे क्षेत्र में तार ज्यादातर रात के समय टूट रहे हैं।
गणेश कुमार, बरदहिया।
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- थाने के पास बृहस्पतिवार को तार टूटकर गिर गया था। जिसे चार घंटे तक बिजली नहीं मिली। जैसे ही इसे ठीक किया तो सुर्तीहट्टा में दूसरा तार टूटकर गिर गया। आए दिन तार टूट रहे हैं।
अमरनाथ चौरसिया, नहरिया।
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- बारिश की वजह से काम में तेजी नहीं आ रही है। मौसम ठीक होते ही काम में तेजी आएगी। श्रमिकों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
विजय वर्मा, रीवैंप, जोनल इंचार्ज।