उमस भरी गर्मी में कटौती व लो वोल्टेज से लोग परेशान
सल्टौआ। अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं परेशानी हैं। वहीं रही सही कसर लोकल फाल्ट के चलते हो रही कटौती पूरी कर रही है। इस उपकेंद्र से 22 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। 15 एमबीए की क्षमता वाला इस केंद्र पर लोड बढ़ने से लो वोल्टेज की समस्या बढ़ गई हैं।
शासन की ओर ेस ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश है। लेकिन बिजली कटौती और लोकल फाल्ट की समस्या निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल रही है। निगम ने घर-घर बिजली पहुंचाने के नाम पर कनेक्शन तो बांट दिया है लेकिन ट्रांसफार्मर की क्षमता वहीं हैं, जिससे लो वोल्टेज व फाल्ट की समस्या बढ़ गई है। फाल्ट के चलते बिजली के आने जाने का कोई शेड्यूल नहीं है। शाम होते ही बिजली चली जाती है और रात में नौ बजे आती है लेकिन इसके बाद आने जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। उपभोक्ता सानू मोदनवाल, दीपक पांडेय, संतोष कुमार, नाईम शाह, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, महेश कुमार, रिंकू, गुडडू का कहना है कि रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। कभी कभार आ भी गई बिजली तो लो वोल्टेज व लोकल फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
जेई बृज किशोर ने बताया कि ऊपर से जो आपूर्ति उपकेंद्र को मिल रही है उसी अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है।
गर्मी के साथ बढ़ी बिजली कटौती
मुंडेरवा। बिजली कटौती से आम जन परेशान है। सरकार का आदेश विद्युत उपकेंद्र के लिए बेमतलब साबित हो रहा है। गर्मी और उमस बढ़ने के साथ ही मुंडेरवा विद्युत उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की मार भी झेलनी पड़ रही है। प्रदेश मे भाजपा सरकार बनने के साथ ही बिजली में सुधार हुआ। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, लेकिन यहां सात आठ घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। उपभोक्ता सत्यप्रकाश, प्रिंस चौरसिया, मनीष श्रीवास्तव, सुधीर पांडेय, सच्चितानंद त्रिपाठी, विनोद जायसवाल, गिरजेश कसौधन, नन्हे पांडेय, रामकृपाल चौधरी आदि का कहना है कि 21 मई से बिजली कटौती अपने चरम पर है।