मतदान प्रतिशत पर समीकरणों का दारोमदार
बस्ती। चुनावी प्रचार थमने के साथ-साथ मानो मतदाताओं ने अपने होंठ भी सिल लिए हैं। शहर से देहात तक मतदाता अपने मन का भेद देने से पूरी तरह बचते रहे। मतदाताओं की यह खामोशी आज वोट के रूप में लोकतंत्र को मजबूत करने में समर्थ होगी। माना जा रहा है कि मतदाता जितना मौन और खामोश है, ठीक इसके विपरीत वह मतदान करने के लिए बेताब है। ऐसे में प्रत्याशी से लेकर समर्थकों में मतदाताओं के दिलों में क्या चल रहा है, यह जानने के लिए बेचैनी और बेकरारी है। इस बीच माना जा रहा है कि मतदान का प्रतिशत काफी हद तक समीकरण बनाने व बिगाड़ने का काम करेगा।
गौरतलब है कि 2017 के चुनाव में लगभग 57 प्रतिशत मतदान हुआ था। सबसे कम रुधौली विधानसभा में 54 और सबसे अधिक सदर विधानसभा में 59 प्रतिशत वोट पड़े थे। अब वह घड़ी आ गई है, जब नई सरकार के गठन के लिए लाखों मतदाता प्रत्याशियों के साथ ही सरकार के भाग्य का फैसला करने वाले हैं। पार्टियों के टिकट को लेकर मतदाताओं में बेचैनी थी। कई सीटों पर नामांकन से दो दिन पहले तक तस्वीर साफ हो पाई थी। नामांकन के ऐन मौके पर टिकट की घोषणा हुई। इसके बाद प्रत्याशियों के रूठने और उन्हें मनाने का दौर शुरू हुआ। इसके बाद चुनावी माहौल तैयार हुआ और फिर जोर पकड़ता गया।
चुनाव प्रचार के दौरान मतदाता प्रत्याशियों के जनसंपर्क, रोड शो, रैली और जनसभाओं का आकलन करते दिखे। विगत मंगलवार को चुनाव का शोर खत्म हुआ तो अचानक मतदाताओं ने और भी गहरी चुप्पी साध ली है। मतदाताओं के दिल की बात निकालने की सभी कोशिशें बेकार होती दिखीं लेकिन बृहस्पतिवार को मतदान स्थल पर जाकर वोट डालने की उत्सुकता सभी में थी। मतदाताओं की इस चुप्पी से प्रत्याशी और उनके समर्थकों में बेचैनी और बेकरारी दिखी। यह स्थिति शहर में ही नहीं गांव देहात में दिखी। हालांकि शहर के मुकाबले गांवों में लोग ज्यादा सक्रिय रहे। रात भर चौराहों और चौपालों पर प्रत्याशियों की हवा का जिक्र होता रहा। आज मतदाताओं को प्रत्याशियों के पक्ष में निर्णय लेना है। बहुमत किसके पक्ष में आएगा, इसका खुलासा 10 मार्च को खुलने वाले पिटारे से होगा।
पिछले दो चुनावों में मतदान प्रतिशत
विधानसभा क्षेत्र वोट प्रतिशत 2017 2012
हर्रैया- 58.18 प्रतिशत 59.00 प्रतिशत
कप्तानगंज- 58.17 प्रतिशत 59.66 प्रतिशत
रुधौली - 54.44 प्रतिशत 56.97 प्रतिशत
बस्ती सदर- 59.41 प्रतिशत 58.29 प्रतिशत
महादेवा- 58.42 प्रतिशत 56.84 प्रतिशत