संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बाजार में बिक रहे चटपटे स्वाद वाले व्यंजनों पर मत जाइए...। सेहत के लिए यह फायदेमंद नहीं हैं। गर्म समोसे, चाट- पकौड़े यह सब आपको बीमार बना सकते हैं।
क्योंकि होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड वैन एवं ठेलों पर झटपट में तैयार होने वाला यह व्यंजन सेहत के लिए नुकसानदेह है। खराब किस्म के तेल में रंगों से युक्त मसाला डालकर इन्हें खाने में खस्ता और दिखने में आकर्षक बनाया जा रहा है। स्वाद भी चटपटा है, जिसके लोग दीवाने बन जा रहे हैं।
चाइनीज धंधेबाजों से भी बाजार पटा हुआ है। शहर के मुख्य चौक- चौराहों एवं सड़क के किनारे जालीदार खोखा में एग रोल, वेज बिरयानी, मोमोज, चिप्स, फिंगर चिप्स, चाऊमीन, पनीर चिल्ली जैसे चटपटे स्वाद वाली खाद्य सामग्री तैयार की जा रही है। फास्ट फूड तैयार करने के इनके नुस्खे अलग हैं।
जानकार बताते हैं कि रिफाइंड तेल और वनस्पति घी के मिश्रण में यह कारोबारी फास्ट फूड तैयार कर रहे हैं। इनके अधिकतर फास्ट फूड की वेरायटी रंगीन एवं दिखने में आकर्षक लग रही है। महिलाओं, बच्चों को यह खूब पसंद आ रहा है।
विशेष किस्म के रंग मिलाए जाने से एवं कई बार फ्राई करने से चाइनीज मोमो, फिंगर चिप्स, एगरोल स्वादिष्ट बन जाता है, लेकिन यह सेहत के लिए नुकसानदेह है। क्योंकि इनकी कड़ाही में एक ही बार तेल पड़ता है और उसी को बार- बार गर्म करके फास्ट फूड तैयार किया जाता है। ऐसे धंधेबाजों की शहर में लंबी फेहरिस्त है।
छोटा कारोबार होने की वजह से इनकी खाद्य सामग्रियों की जांच भी नहीं हो पाती है, जबकि इस तरह की प्रत्येक दुकान पर नेपाल एवं चाइना मूल के चार पांच नागरिक ग्राहक सेवा में पूरे दिन लगकर अच्छा कारोबार कर रहे हैं। गांधीनगर, रोडवेज तिराहा, कंपनीबाग, पांडेय बाजार आदि जगहों पर चाइनीज फास्ट फूड की आधा दर्जन दुकानें रोज सज रही है। खुले में खाद्य पदार्थ की बिक्री होने से उसमें सड़क से उड़ने वाली धूल- गर्द भी पड़ रही है, पर धंधेबाजों को इसकी फिक्र नहीं है। नाला और नालियों के किनारे इस तरह की दुकानों पर खाने- पीने योग्य सामग्री तैयार की जा रही है।
रेस्टोरेंट और ठेलों पर भी सेहत का ख्याल नहीं : शहर में संचालित अधिकतर रेस्टोरेंट और ठेलों पर खाद्य सामग्रियों को तैयार करते समय आमजन की सेहत का ख्याल नहीं किया जा रहा है। खुले में ही कड़ाही में बार- बार तेल गर्म करके पूड़ी- कचौड़ी, समोसे, चिकन फ्राई, एग फ्राई, बिरयानी आदि तैयार करके ग्राहकों को परोस दिया जा रहा है। बार- बार तेल गर्म करने से वह काला पड़ जा रहा है। फिर भी उपयोग में लाया जा रहा है। इन जगहों पर सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं है। धूल- गर्द उड़कर सीधे कड़ाही एवं खाद्य सामग्रियों पर पड़ती रहती है।
नॉन-वेज आइटम की मांग अधिक : शहर में डिलीवरी करने वाले सुजीत कुमार ने बताया कि करीब दो साल से यह कार्य कर रहे हैं। लोग ऑनलाइन प्लेटफार्म से नॉन-वेज आइटम अधिक मंगाते हैं। इसके अलावा पिज्जा, बर्गर व बिरयानी की मांग अधिक है। पटरियों पर दुकान सजने वाली दुकानें भी ऑनलाइन डिलीवरी कर रही हैं।