संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आजकल सुबह-शाम कोहरे जैसा दृश्य दिख रहा है। दिन भर धुंध छाई रहती है। मगर इसमें मौसम की स्वच्छता नहीं, प्रचुर मात्रा में प्रदूषण घुला है।
शहर का एक्यूआई शनिवार को 180 पर दर्ज किया गया। बड़े शहरों जैसे हालात यहां भी हैं। धूल, वाहनों के धुएं, पराली की आग हवा में मिलकर फाॅग बना रही है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
सुबह कोहरे जैसा दृश्य दिख रहा है। दिन में 11:00 बजे तक आसमान में धुंध की छटा नहीं छट रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह पूरी तरह कोहरे का असर नहीं है, इसमें प्रदूषण से फाॅग बन रहा है। यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है। यदि इसे कोहरा समझकर लोग धोखा खाएंगे तो सेहत बिगड़ जाएगी। दरअसल शहर में कुछ सड़कों की हालत बहुत खराब है। दिन भर वाहनों के चलने के दौरान काफी धूल उड़ रही है। इसके अलावा त्योहारों के चलते भीड़ बढ़ने से वाहनों का जाम लग रहा है। वाहनों से खतरनाक धुआं निकल रहा है। वहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों में धान की फसल काटने के बाद खेतों में पराली भी जला दी जा रही है।
यह सब हवा में मिलकर हवा को जहरीली बना रहे हैं। तापमान में नरमी है। इस वजह से आसमान में फाॅग जैसी स्थिति है। खुले में सांस लेना कठिन हो गया है। बुजुर्गों की सेहत पर इसका ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सांस के रोगियों को अधिक परेशानी हो रही है। धुंध में निकलने के दौरान दम घुटने जैसी स्थिति है। सुबह का सैर सपाटा भी सुरक्षित नहीं है। हवा में प्रदूषण के चलते सांस लेने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम मिल रही है, जिससे लोगों की सेहत खराब हो रही है। ह