गांधीनगर मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते लोग। संवाद
- फोटो : वारदात के समय जेब में कारतूस भरकर लाया था आरोपी अभिषेक
बस्ती। डीजल-पेट्रोल की किल्लत थमने का नहीं ले रही है। सोमवार को भी जिले के 50 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद नजर आए। जिन पंपों पर डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता कम है वहां वितरण ठप कर दिया जा रहा है। पेट्रोल पंप सूखे न हो इस वजह से घंटे-दो घंटे तक ही तेल की बिक्री की जा रही है। पंप संचालकों का कहना हैं कि एक हफ्ते से आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है। पहले से एक दिन के अंतराल पर डीजल-पेट्रोल का टैंकर पहुंच रहा था अब दो से तीन दिन लग रहे हैं। इस वजह से बिक्री घटकर आधे से भी कम हो गई है।
सोमवार को गांधीनगर क्षेत्र के मालवीय मार्ग, गांधीनगर मार्ग, कचहरी चौराहा स्थित पांच पेट्रोल पंपों में से केवल मालवीय मार्ग के एक पंप पर ही पेट्रोल वितरित होता पाया गया। बाकी सभी पंप बंद मिले। इसी तरह हाईवे एवं अन्य जगहों पर भी कहीं-कहीं एक दो पंप खुले मिल रहे हैं। कुछ पंपों पर दिन में तेल की बिक्री हो रही हैं तो शाम ढलने के बाद बंद हो जा रहे हैं। कुछ बंद पंपों पर केवल शाम-सुबह बिक्री की जा रही है।
पंप संचालकों का कहना हैं कि पर्याप्त आपूर्ति न होने की वजह से पंप को ड्राई होने से बचाने के लिए घंटे- दो घंटे तक ही बिक्री की जा रही है। जिले भर में संचालित 183 में से 70 से 80 पंप बंद मिल रहे हैं। 17 पेट्रोल पंप नियमित रूप से ड्राई हो गए हैं। यहां दो महीने से डीजल- पेट्रोल की आवक ठप है। संचालकों का कहना हैं कि कंपनियों की तरफ से शिफ्टवार पंपों को तेल दिया जा रहा है। इसीलिए लगातार कोई पंप बंद नहीं हो रहा है लेकिन, रोजाना बदल- बदलकर 70 से 80 पंप बंद चल रहे हैं।
अधिकांश पेट्रोल पंपों को बंद देखकर दो पहिया, चार पहिया वाहन लौट जा रहे हैं। ग्राहक डीजल के लिए वाहन लेकर गांव से लेकर शहर तक दौड़ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। पॉलिटेक्निक चौराहे और चेनपुर सर्विस रोड के पास शाम में भारी वाहन आकर खड़े हो जा रहे हैं।