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सुषमा स्वराज की पहल पर वतन लौटे थे ध्रुवचंद्र

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सुषमा स्वराज की पहल पर वतन लौटे थे ध्रुवचंद्र
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बस्ती। रोजी-रोटी की तलाश में दुबई जाकर फंसा बस्ती जिले के कप्तानगंज का युवक ध्रुवचंद्र विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर ही अपने गांव लौट पाया था। इस परिवार को जब पता चला कि सुषमा स्वराज का निधन हो गया तो उन्हें गहरा सदमा लगा।
ध्रुवचंद्र एक वर्ष से पानी के ऐसे जहाज पर फंसा था जिसके परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसकी सूचना ध्रुवचंद्र ने बीडियो कालिंग के माध्यम से परिजनों को दी थी। ध्रुवचंद्र ने वतन वापसी के लिए विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं से ट्वीट कर गुहार लगाई थी। परेशान परिजनों ने पत्र भी लिखा था।
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कप्तानगंज के जसईपुर गांव का ध्रुवचंद्र नौकरी के सिलसिले से वीजा बनवाकर शादी के महज पांच माह बाद ही दुबई चला गया था। वह 12 मई 2017 को मुंबई की किसी कंपनी के माध्यम से आठ महीने के अनुबंध पर गया था। 12 दिसंबर 2017 को उसका अनुबंध समाप्त हो गया था, लेकिन वापसी के बजाय वह समुद्री जहाज में 22 भारतीय युवकों से साथ फंस गया। ध्रुवचंद्र की पत्नी लखनऊ मे स्टाफ नर्स हैं तो भाई प्रेमचंद दिल्ली में पढ़ाई करता है। पिता रामदेव और मां घर पर रहती हैं। ध्रुवचंद्र ने अपने वहां फंसने की जानकारी तत्कालीन विदेश मत्री सुषमा स्वराज सहित अन्य जिम्मेदारों को ट्वीटर के माध्यम से दी। परेशान परिजनों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। इसके बाद तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लिया। दूतावास से इंडियन अम्बेसी के वाइस कॉउंसलर विभाकांत शर्मा, डायरेक्टर फेडरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के कैप्टन अब्दुल्ला अल हय्यास, मिशन टू सी फेरर के एंडी बावर मैन के रीजनल डायरेक्टर साउथ एशिया ने ध्रुवचंद्र सहित सभी भारतीयों की मदद की। इसके बाद वे वापस वतन लौट सके।
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