शुकुलपुरा बाजार मे स्थापित दुर्गा प्रतिमा- संवाद
बस्ती। ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा समारोह की धूम है। प्रमुख कस्बों और बाजारों की रौनक बढ़ी हुई है। शाम ढलने के बाद जगमग रोशनी से सड़क, बाजार, पंडाल मां जगदंबे की भक्ति में डूब जाते हैं। देवी भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। पंडाल- पंडाल दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अभी छह दिनों तक यह उत्सव बरकरार रहेगा। दशहरा के दिन साज- सज्जा के साथ देवी की विदाई की जाएगी।
जिले की हर्रैया तहसील मुख्यालय, बभनान बाजार, गौर बाजार, कप्तानगंज बाजार, महराजगंज, दुबौलिया, रुधौली, भानपुर, बनकटी, लालगंज, कुदरहा आदि कस्बों में देवी पंडालों की लंबी शृंखला सजाई गई है। पंडालों में मां भगवती की प्रतिमा के साथ अन्य देवी देवताओं की सजी- धजी मूर्तियों से उनका दरबार सजाया गया है। शाम ढलने के बाद कस्बों और बाजारों की रौनक बढ़ जा रही है। देवी भक्त हुजूम में पहुंच रहे हैं। पंडालों में पहुंचने के बाद माता रानी का दर्शन- पूजन किया जा रहा है। इस दौरान देवी गीतों की भी धूम मची हुई है। श्रद्धालु भक्तिभाव से देवी के जयकारों की गूंज कर रहे हैं। पंडालों में सुबह- शाम माता रानी की आरती के समय काफी भीड़ हो रही है। इसके बाद प्रसाद वितरित किया जा रहा है। आयोजन समितियां भीड़ नियंत्रित करने के लिए खुद बागडोर संभाले हुए हैं। समूचा माहौल देवी मय बन चुका है।
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शहर में अंतिम चरण में तैयारी
शहर में दुर्गा पूजा समारोह की तैयारी अंतिम चरण में है। यहां दस किमी के दायरे में तीन सौ अधिक दुर्गा पंडाल सजे हैं। देवी प्रतिमाएं भी अधिकतर जगहों पर स्थापित हो चुकी हैं। पंडाल के दोनों तरफ सड़क पर दूर तक लाइटिंग की सजावट के साथ तोरणद्वार बनाए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न तरह के कारीगर लगे हैं। बड़े पंडालों में निर्बाध बिजली के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है। साज- सज्जा के कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नवरात्र सप्तमी से देवी प्रतिमाएं प्राण प्रतिष्ठित हो जाएंगी। इसके बाद दर्शनार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। शहर का दुर्गा पूजा समारोह पूर्वांचल का चर्चित आयोजन हो गया है। यह पूर्णिमा तिथि तक मनाया जाता है। प्रशासनिक रिकाॅर्ड के अनुसार इस समारोह दस लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में दुर्गा पूजा समारोह के समापन के बाद यहां भीड़ बढ़ जाती है। शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर केवल श्रद्धालु ही नजर आते हैं।
शुकुलपुरा बाजार मे स्थापित दुर्गा प्रतिमा- संवाद