- रेलवे स्टेशन, रोडवेजव बस स्टेशन पर मची रही अफरातफरी
- यात्रियों को संभालने में आरपीएफ, जीआरपी और पुलिस के छूटे पसीने
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौनी अमावस्या पर बुधवार को 144 वर्ष पर पड़ रहे महाकुंभ पर स्नान करने की लालसा लेकर शहर से गांव तक के श्रद्धालु निकल पड़े। अनुमान से ज्यादा श्रद्धालुओं के रवाना होने से परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। रेलवे और बस स्टेशन पर श्रद्धालुओं में अफरातफरी जैसा माहौल दिखा। रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति रही। अपने नियत समय 11.35 बजे की जगह 01.50 मिनट पर पहुंची प्रयागराज जाने वाली मनवर संगम एक्सप्रेस में सवार होने के लिए तमाम श्रद्धालु रेलवे लाइन पार करते हुए दूसरे प्लेटफाॅर्म की तरफ दौड़ते दिखे।
एक घंटे बाद 02.50 बजे खचाखच भरी ट्रेन वापस प्रयागराज के लिए रवाना हुई। इसके लिए करीब दो हजार टिकट काउंटर से ही बिके। ट्रेन में न चढ़ पाने की वजह से इनमें से करीब सात सौ यात्रियों को टिकट वापस करने पड़े। इसके अलावा काफी संख्या में ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्री भी खिन्न होकर रेलवे स्टेशन से लौट गए। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को भीड़ नियंत्रित करने के लिए काफी दौड़ लगानी पड़ी।
रोडवेज पर बसों का इंतजार करते रहे यात्री
परिवहन डिपो में वैसे तो प्रयागराज जाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे, लेकिन वहां भी सोमवार को बसों की कमी यात्रियों को खलती रही। जितनी बसें लगी थीं, वे दोपहर होने से पहले से भरकर रवाना हो चुकी थीं। ट्रेन में जगह न मिलने के बाद काफी यात्री रोडवेज पर बस पकड़ने पहुंच गए। उनके लिए कोई बस नहीं थी। रुधौली से आईं उर्मिला देवी, रुद्र नारायण, अरुण सिंह, रत्नाकर आदि ने बताया कि नौ बजे से ही वे लोग रोडवेज पर पहुंच गए थे। जो भी बस आई उनमें इतनी भीड़ थी कि चढ़ नहीं पाए। बताया जा रहा है कि कुछ बसें आ रही हैं। उन्हीं का इंतजार कर रहे हैं।
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दूसरी डिपो से बसें मंगाकर यात्रियों को रवाना किया जा रहा है। जो बसें प्रयागराज के लिए गई हैं, उनके वापस आने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-आशीष भटनागर, एआरएम