बस्ती। मुख्य अभियंता कार्यालय पर बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कहा कि 22 जून को लखनऊ में बुलाई गई बिजली महापंचायत में यूनियन बढ़-चढ़कर भागीदारी करेगी। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से घोषित 24 जून को साझा विरोध-प्रदर्शन में सभी जिलों में यूनियन भागीदारी करेगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अशर्फी लाल ने कहा कि बिजली के निजीकरण, बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में किसानों -खेतिहर मजदूरों को जागरूक, संगठित और आंदोलित करने के लिए यूनियन के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को गांवों में चौपाल-पंचायतें करने और मोर्चा की ओर से जारी पर्चा वितरण कार्यक्रम में जुटने का फैसला लिया। बैठक में किसान नेताओं ने कारपोरेशन की ओर से बिजली दरों में 45 प्रतिशत तक वृद्धि कर गांवों में बिजली की दर आठ रुपये तक बढ़ाने के प्रस्ताव को यूपी के किसानों-मजदूरों और गरीब तबकों के साथ बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत बिजली की बढ़ी दरों को वापस ले।
विरोध प्रदर्शन मेंं सत्य प्रताप सिंह, आशुतोष लहरी, अनुज कनौजिया, विजयपाल, अवनीश कुमार, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, राजकुमार अजय पांडे आदि शामिल हुए।