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Basti News: डूबने से नहीं हुई मौत, फिर सरयू में कैसे पहुंचा दरोगा का शव

Sun, 15 Feb 2026 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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दरोगा अजय गौड़। फाइल फोटो
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बस्ती। परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ की मौत का पूरा खेल अयोध्या सरयू पुल के आसपास ही हुआ है। कुआनो नदी का अमहट तट सिर्फ भ्रमित करने वाली जगह साबित हुई। घटना की प्रकृति भी शातिराना अंदाज से पूरा मेल खा रही है। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और उलझा दिया है।
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पुलिस अभी तक खुदकुशी समझकर जांच कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरोगा की नदी में डूबने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। दरोगा बॉडी के अंदर गले, फेफड़े और पेट में पानी नहीं मिला है, जबकि अगर कोई व्यक्ति डूबता है तो उसके गले, फेफड़े और पेट में पानी भरा होेता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर दरोगा की डूबने से मौत नहीं हुई थी, तो उनका शव सरयू नदी में कैसे पहुंचा।
इसलिए आशंका जताई जा रही है कि दरोगा की मौत कहीं और हुई थी और उनकी लाश अयोध्या के सरयू नदी में फेंकी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि दरोगा अजय ने जहर खाई थी या उनको खिलाई गई थी।
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रिपोर्ट आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि दरोगा अजय ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई। चूंकि मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए पुलिस भी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती, क्योंकि दरोगा के लापता होने के बाद पत्नी रंजीता और एडीएम भाई अरुण कुमार पहले उनके साथ किसी गहरी साजिश का आरोप लगा रहे थे।
चौथे दिन सरयू नदी से लाश बरामद हुई तो हत्या का संदेह जताया। हालांकि पुलिस शुरू से ही हत्या मानने को तैयार नहीं है। वहीं अभी तक के जुटाए गए वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्य एकदम खुदकुशी के पक्ष में नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक नदी में डूबने से मौत होने पर बॉडी के अंदर गले, फेफड़े और पेट में पानी मिलता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं मिला। इसके अलावा बॉडी के बाहर या भीतर कोई घातक चोट के निशान भी नहीं मिले। केवल चेहरे पर मामूली खरोंच पाया गया था। इसलिए चिकित्सीय टीम ने विसरा के अलावा ब्रेन एवं हड्डी के टुकड़े का डायटम टेस्ट कराने की सलाह दे दी है। विसरा टेस्ट से पॉइजनिंग और डायटम टेस्ट में डूबकर मरने की स्थिति साफ होगी। पुलिस को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर इन्हीं दोनों रिपोर्ट का इंतजार है।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में जब घातक चोट या डूबने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है तो तीसरा संदेह पॉइजनिंग पर ही जा रहा है। अब दरोगा के मौत की वजह कुछ भी निकले, लेकिन यह पूरा खेल अयोध्या सरयू पुल के आसपास ही हुआ है। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। दरोगा अपनी बाइक से सरयू पुल से दो सौ मीटर पहले अकेले अयोध्या की तरफ जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखे गए हैं। उनके सरयू पुल पार होने तक की यात्रा का भी पुलिस ने तस्दीक कर लिया है।
इसके आगे की यात्रा का कोई लोकेशन या डिजिटल साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस का अनुमान है कि पुल पार करते ही हाईवे पर अवैध कट है, इसी रास्ते दरोगा की बाइक वापस बस्ती तक लाई गई है। यानी दरोगा की बाइक से यात्रा पुल पार करने के बाद ही खत्म हो गई। इसके आगे क्या घटना हुई यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यह हैं मामला : परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ प्रभारी थानाध्यक्ष रहते हुए पांच फरवरी की शाम करीब चार बजे अचानक लापता हो गए। बस्ती में किराए के मकान में बच्चे के साथ रह रही उनकी पत्नी रंजीता का कहना है कि दोपहर बाद करीब तीन बजे उनकी अजय से बात हुई थी। रात आठ बजे फोन मिलाने पर स्विच ऑफ बताया। अगले दिन सुबह भी उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। तब उन्होंने थाने के एक सिपाही को फोन मिलाया तो जानकारी मिली कि वह लापता हैं। इसके बाद पत्नी ने दिन भर खोजबीन करने के बाद शाम को तहरीर दी और दरोगा के गुमशुदुगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। दूसरे दिन दरोगा की पल्सर बाइक एसपी आवास के निकट अमहट घाट से लावारिस हाल में बरामद हुई, जबकि चौथे दिन दरोगा की लाश 60 किमी दूर अयोध्या सीमा क्षेत्र से सटे छावनी थाना क्षेत्र के बस्ती सीमा में सरयू नदी में उतराया हुआ मिला।
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