बस्ती में तेज रफ्तार से दौड़ी साइकिल, कमल मुरझाया
बस्ती। जिले में समाजवादी पार्टी की साइकिल पूरी रफ्तार से दौड़ी तो कमल का फूल जिले में मुरझा गया। सपा को जिले में पांच में से चार सीटें मिलने के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह आतिशबाजी कर और अबीर-गुलाल उड़ा कर खुशी का इजहार किया। सपाइयों के जश्न को देखते हुए जिले के तमाम इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बस्ती जिले की बस्ती सदर, कप्तानगंज, रुधौली में सपा और महादेवा सुरक्षित सीट पर सपा-सुभासपा गठबंधन को जीत मिलने से समाजवादी पार्टी में जबरदस्त खुशी देखने को मिली। कप्तानगंज में सारे सियासी समीकरणों को ध्वस्त करते हुए सपा को 24179 मतों से जीत मिली तो महादेवा सुरक्षित सीट पर सपा सुभासपा गठबंधन के दूधराम 5495 मतों से चुनाव जीत गए। रुधौली में भी सपा की साइकिल शुरू से ही रफ्तार पर रहीं। यहां सपा के राजेंद्र चौधरी ने भाजपा को दोबारा जीत का स्वाद चखने से रोक दिया। वहीं, बस्ती सदर से महेंद्र यादव भी मामूली वोटों के अंतर से भाजपा के दयाराम चौधरी से चुनाव जीत गए। वहीं, चुनाव के शुरुआती दिनों से ही सियासी जानकार यह तो मान रहे थे कि भाजपा को जिले में सभी पांचों सीटों का मिलना मुश्किल है। लेकिन भाजपा को चार सीट गंवानी पड़ेगी, इसका किसी को अंदाजा भी नहीं था। माना जा रहा था कि हर्रैया और रुधौली की सीट सपा के खाते में जा सकती है। लेकिन, हर्रैया में अजय सिंह ने अपने कद और जमीनी नेता होने का अहसास कराते हुए सारे जातीय समीकरण को अपने पक्ष में करते हुए जीत दर्ज की। जबकि, रुधौली में सपा शुरू से ही बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज की।