सीआईबी की आड़ में एक ही निर्माण कार्य का दो बार भुगतान
- सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड न लगाकर एक ही काम पर लाखों की बंदरबांट हुई
- कुदरहा के अधिकांश गांव में क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत ने एक ही काम का लिया दो-दो बार भुगतान, शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/कुदरहा। ब्लॉक के अंतर्गत पंचायतों की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों के संबंध में आमजन अथवा अधिकारियों को मौके पर जाने के बाद भी कोई जानकारी नहीं हो पा रही है। वह इस इसलिए कि इन स्थलों पर कार्य का कोई बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है। इसकी आड़ में क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायतों ने करोड़ों रुपये का खेल खेला है। एक ही काम का नाम बदलकर बार-बार भुगतान लिया जा रहा है।
शासन ने पारदर्शिता के लिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कार्यस्थल पर सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड लगाए जाने का निर्देेश दे रखा है। इसमें कार्य की लागत, मानव दिवस, सामग्री का मूल्य, कार्य का प्रकार, शुरू और समाप्त होने की तिथि कार्यदायी संस्था का नाम आदि का उल्लेख किया जाता है। इस पर कार्यदायी संस्था पांच हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करती है। जिससे आमजन को कार्यों के संबंध में सटीक जानकारी हो सके, मगर इस नियम को ताक पर रखकर शातिरों ने बगैर बोर्ड लगाए, कागजों में करोड़ों का निर्माण कर धन का बंदरबांट कर लिया है। यही नहीं इस बोर्ड के सहारे स्वयं सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराने की मंशा पर भी पानी फिर गया है। अधिकांश निर्माण कार्यों पर स्टीमेट में प्राविधान के बावजूद इस बोर्ड को लगाने की जहमत नहीं उठाई गई है। शातिरों ने मामला खुलने से बचाने के लिए इसका भुगतान नहीं लिया है।
हालांकि कई गांवों में इस तरह का मामला चर्चा में है, मगर सिकंदरपुर गांव की सड़क और नाली के निर्माण में ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत का मामला अभी भी गर्म है। इसकी जांच चल रही है। यहां बगैर सीआईबी के ही ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत ने एक ही सड़क व नाली का दो बार भुगतान लिया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत परसांव के विशुनपुरा राजस्व गांव में ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत ने एक तालाब को अलग-अलग प्राक्कलन तैयार कराया और उस पर दोनों ने तीन-तीन लाख का भुगतान करा लिया। वर्ष 2021-22 में रैनियां ग्राम पंचायत में चंद्रेश के खेत के निकट चकमार्ग का निर्माण करीब तीन लाख से कराया, यहां भी बोर्ड नहीं लगा है। इसी प्रकार मसूरिहा ग्राम पंचायत में राम अजोर के घर के निकट तालाब की खुदाई ग्राम पंचायत ने 3.89 लाख से कराया है। यहां भी बोर्ड नहीं लगा है। कड़सरी मिश्र के तिघरा में तालाब की खुदाई, अर्जुन के खेत से कपिलदेव के खेत तक मिट्टी पटाई का कार्य कराया गया है। किसी भी कार्य को सिटीजन इंफार्मेंशन बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित नहीं किया गया है।
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बोले विधायक प्रतिनिधि
विधायक महादेवा दूधराम के प्रतिनिधि सुशील दूबे ने कहा कि कुदरहा ब्लॉक में कई सालों से सरकारी धन की लूट मचाई गई है। शातिरों ने इस पूरे मामले में खूब खेल किया है। सीआईबी न लगाकर एक ही काम का कई बार नाम बदल कर भुगतान लिया है। इसकी सूचना जिला प्रशासन से लगायत शासन तक भेजी गई है।
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बोले तकनीकी सहायक
ब्लॉक के तकनीकी सहायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक प्राक्कलन में सीआईबी (सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड) का प्राविधान होता है। शासन की मंशा है कि आम लोगों को निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी मिले, जब बोर्ड नहीं लगाए जाने पर उसका भुगतान नहीं किया जाता है।
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बोले बीडीओ
बीडीओ जय प्रकाश ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वैसे कार्य स्थल पर बोर्ड तो लगाया जाना चाहिए। ऐसा क्यों नहीं किया गया। इसे दिखवाता हूं। ऑफिस आएं, शेष बात हो जाएगी।
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कार्य स्थल पर नहीं मिला सीआईबी ’तो कार्रवाई होगी
सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि शासन के निर्देशों की किसी भी प्रकार की अवहेलना प्रशासन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। कुदरहा क्षेत्र में सीआईबी का प्रदर्शन नहीं किया गया है तो यह गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कार्य स्थल पर सीआईबी बोर्ड नहीं मिला तो संबंधितों के साथ दोषी दंडित होंगे। वैसे कुछ गांवों की दे बार भुगतान लेने की शिकायत की जांच चल रही है।