बस्ती। हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के
मामले में बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने सीटू कार्यालय के सामने
केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय का पुतला जलाया।
अंबेडकर
छात्रावास, एसएफआई, डीवाईएफआई और दलित शोषण मंच के छात्रों ने केंद्र
सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। बाद में संयुक्त प्रतिनिधि मंडल की
ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा गया।
अंबेडकर
छात्रावास के अध्यक्ष अमरेश कुमार निगम, एपीएन छात्र संघ के अध्यक्ष और
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेता महिपाल पटेल, जनवादी नौजवान सभा के
सत्यराम और दलित शोषण मुक्ति मंच के गणेश शंकर विद्यार्थी ने कहा कि इस
पूरी घटना में एबीवीपी सहित भाजपा के दो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और
बंडारू दत्तात्रेय की भूमिका है।
इनको तत्काल मंत्रिमंडल से
बर्खास्त करने की मांग की। शेष निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लेने, रोहित
वैमुला के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग पदाधिकारियों ने
की। जनौस नेता नीलू गौड़, सुशीला, खेत मजदूर यूनियन के नरसिंह भारद्वाज,
छात्रावास के अमर आजाद ने एबीवीपी के छात्र नेता सुनील कुमार और केंद्रीय
मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की गिरफ्तारी और संपूर्ण घटना की पदेन जज से जांच
कराने की मांग की।
पुतला दहन कर विरोध जताने वालों में एपीएन पीजी
कॉलेज के विवेक, मंयक, शिवम चौहान, राजन, बलवंत, एसएफआई के सुधीर, अरुन
कुमार, अविनाश, छात्रावास के हीरालाल निगम, शैलेंद्र कुमार, राजेश कुमार,
सनोज कनौजिया, रामशब्द, राजकुमार, विंध्याचल राव, उमेश, इंद्रेश, संजीव
कुमार, राजेंद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार, खेत मजदूर यूनियन से झिनकू, रण
विजय, विक्की, विनोद कुमार, जनौस की शर्मिला, सीता, संगीता, रामचरन, भगत,
संतोष कुमार, राममूरत, राजाराम आदि शामिल रहे।
छात्रों ने मार्च निकाला
बस्ती।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के शोध छात्र रोहित वेमुला को
आत्महत्या के लिए विवश करने के विरोध में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला।
डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास के नेतृत्व में निकाला गया कैंडल मार्च
कटेश्वर पार्क तक गया।
यहां पर वक्ताओं ने केंद्रीय श्रम और रोजगार
मंत्री को तत्काल पद से बर्खास्त कर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
की। सभी निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लेने, उनकी रोकी गई फेलोशिप की
धनराशि को भुगतान करने की मांग की। मृतक छात्र के परिजनों को 25 लाख रुपये
का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।
कैंडल
मार्च में छात्रावास के संरक्षक सचिन कुमार, संयोजक रामशब्द, राजकुमार,
अमर आजाद, हीरालाल निगम, शैलेंद्र कुमार, विंध्याचल, सुनील कुमार, प्रदीप
कुमार, राजेश कुमार, सुजीत कुमार, लक्ष्मण प्रसाद आदि मौजूद थे।