कप्तानगंज मे कंवारियों के साथ हुई घटना के बाद मौके पर पहुचे डीएम नरेंद्र सिंह पटेल और एसपी कृपा शंकर सिंह।
कांवड़ मेले की संवेदनशीलता बढ़ते देख पुलिस प्रशासन ने सिक्योरिटी ढांचे में अचानक फेरबदल करते हुए भद्रेश्वरनाथ मंदिर का गर्भगृह हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया है। पूरे मंदिर परिसर में भारी तादाद में फोर्स तैनात की गई है,जिनमें सिविल ड्रेस में महिला व पुरुष जवान शामिल हैं।
शुरुआत में ही कप्तानगंज में हंगामा होने से पूरे सुरक्षा तंत्र में खलबली मच गई। डीआईजी की सलाह पर एसपी कृपाशंकर सिंह ने फौरन भदेश्वरनाथ मुख्य द्वार पर पांच डीएफएमडी (डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाने का फरमान दे दिया। आनन-फानन में पांच डोर फ्रेम भेजे गए। अलग से 30 पुलिस जवानों को वहां तैनात किया गया,जो पश्चिम की ओर से जल चढ़ाने जाने वाले कांवड़ियों के मुख्य द्वार की ओर मुड़ते ही एचएमडी (हैंड मेटल डिटेक्टर) से चेकिंग करेंगे। दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।
चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए बड़े एलईडी स्क्रीन पहले ही लगा दिए गए हैं,जिसे सीसी कैमरों से जोड़ा गया है। इसके अलावा इंस्पेक्टर संजय सिंह को मंदिर के इनर कोर का प्रभारी बनाते हुए इंस्पेक्टर सुमन त्रिपाठी समेत भारी तादाद में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। महिलाओं के लिए पहली बार इनर कोर में अलग लाइन लगाने की व्यवस्था की गई है। तेज तर्रार बस्ती क्राइम ब्रांच के जांबाज भी मंदिर के मुख्य परिसर में मुस्तैद रहेंगे। एसपी,एएसपी रोहित मिश्र देर रात तक योजना को अंतिम रूप देते रहे। इस बीच शनिवार रात एलआईयू इंस्पेक्टर एके सिंह ने एंटी सबोटाज चेकिंग की। टीम के अनुशील गौड़, उदय कुमार,आरडी यादव आदि ने मंदिर के कोने-कोने की छानबीन की।