बस्ती। विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर के ग्राम अमरौली शुमौली स्थित एक ऐसा
प्राथमिक विद्यालय है, जहां 58 बच्चें, अध्यापिकाएं और महिला रसोइया को शौच
के लिए खुले में जाना पड़ता है। जबकि इस भवन के निर्माण पर पांच लाख 60
हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इतना ही नहीं, इस भवन की सात खिड़कियां बिना
पल्ले के हैं। भवन निर्माण में धांधली पर प्रधानध्यापक कन्हैयालाल भारती को
वेतन रोक दिया गया है।
चहारदीवारी का मुख्य गेट अभी से क्रेक हो
गया है। गेट तक नहीं लगाया गया। विद्यालय के दो कमरे बिना दरवाजे के होने
के कारण हमेशा खुला रहता है। किचन की खिड़की तक में फाटक नहीं लगा हुआ है।
बरसात के दिनों में छतों में पानी भर जाता है, जिसे रसोइया छत पर जाकर
निकालता है।
फर्नीचर के नाम पर इस विद्यालय में एक टूटी मेज, एक
लकड़ी की कुर्सी व दो पुरानी प्लास्टिक की कुर्सी पाई गई। इसका खुलासा
बीएसए द्वारा कराई गई जांच में हुआ। बीएसए संतोष कुमार सिंह ने बताया कि
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानध्यापक कन्हैयालाल भारती को वेतन रोक दिया
गया है, साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
बताया कि
प्रधानाध्यापक दो वर्षों का ड्रेस के नाम धन भी निकाल लिया। मगर अभी तक
पासबुक व चेकबुक जमा नहीं किया। इस विद्यालय की सबसे अधिक खराब स्थिति
शौचालय का क्रियाशील न होना है। इस विद्यालय में 58 बालिकाएं और
अध्यापिकाएं हैं, जिन्हें मजबूरी में शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है।