बस्ती। परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में डिबार विद्यालयों को इस साल
परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश भी काम नहीं आई। प्रशासन ने ऐसे स्कूलों
को परीक्षा केंद्र बनाने से इन्कार कर दिया है। राजनेताओं ने बाकायदा
पार्टी के लेटर हेड पर केंद्र बनाने की सिफारिश शासन में की थी। शासन की
मांग पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट भेज दी है।
डीआईओएस डॉ. राजेश
कुमार आर्य ने बताया कि शासन ने जिस विद्यालय में परीक्षा में गड़बड़ी पाए
जाने पर डिबार कर दिया है, उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सकता। जिले
में 16 विद्यालयों को शासन डिबार कर चुका है। बताया कि जिन डिबार
विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश की गई थी। उसकी रिपोर्ट
सचिव माध्यमिक को भेज दी गई है। बताया कि डिबार विद्यालयों को केंद्र बनाने
का अधिकार सिर्फ शासन को है।
जिन डिबार विद्यालयों को परीक्षा
केंद्र बनाने की सिफारिश की गई है, उनमें किसान इंटर कॉलेज मूड़ाडीहा
खुर्द, डीएजी इंटर कॉलेज कटौधा, ध्रुवचंद्र प्रह्लाद कुमार इंटर कॉलेज
पाकरडाड़, आरपी आदर्श बालिका इंटर कॉलेज रेहार, श्रीमती कल्पा देवी आदर्श
इंटर कॉलेज बानपुर, राम आसरे चौधरी इंटर कॉलेज पिपरा शुकाली, धौरूखोर
सरस्वती विद्या केंद्र इंटर कॉलेज रामलाल नगर महादेवा, रामनरेश चौधरी इंटर
कॉलेज बिहरा एवं श्री उदय राज चौधरी इंटर कॉलेज केरौना के नाम शामिल हैं।
डीआईओएस ने बताया कि इन सभी विद्यालयों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
दबाव में बनाया गया मानक विहीन विद्यालय को परीक्षा केंद्र
बस्ती।
डिबार और मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र बनाने की राजनेताओं की सिफारिश का
प्रभाव कितना पड़ता है, यह हर्रैया क्षेत्र के थानाखास में बनाए गए केंद्र
से बता चलता है। इस मानक विहीन विद्यालय को केंद्र बनाने के लिए राजनेताओं
ने प्रशासन और डीआईओएस पर खूब दबाव बनाया।
आखिर कार जिला विद्यालय
निरीक्षक को परीक्षा केंद्र बनाना पड़ा। जब कि जो रिपोर्ट पहले की गई थी
उसमें विद्यालय में बाउंड्री और पर्याप्त फर्नीचर न होने के चलते केंद्र
बनाने से इंकार किया गया था। हालांकि इस मामले में विभाग के अधिकारी चुप्पी
साधे हुए हैं।