बस्ती। अग्निपीड़ितों की समस्याओं को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का मुक्की हुई। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने भाजपा के 11 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
भाजयुमो के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय और केडीसी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक पांडेय की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता जिले में अग्निपीड़ितों की समस्याओं को लेकर सोमवार को डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाजपा नेताओं की मांग थी कि डीएम स्वयं आकर उनका ज्ञापन लें। कार्यालय में बैठे डीएम ने बाहर आकर ज्ञापन लेने के बजाए दो लोगों कार्यालय में आकर ज्ञापन देने की अनुमति दी। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।
वे डीएम को ही ज्ञापन देने पर अड़े थे। माहौल बिगड़ने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता डीएम कार्यालय के सामने ज्ञापन चस्पा करने लगे। नाराज कोतवाल ने कार्यकर्ताओं को ऐसा करने से रोका चाहा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कोतवाल ने कार्यालय के बाहर चिपकाए जा रहे ज्ञापन को फाड़ दिया। इसके बाद माहौल गरमा गया। भाजपा कार्यकर्ता डीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए डीएम से मिलने की कोशिश करने लगे। पुलिस उन्हें रोकने के लिए धक्का-मुक्की करने लगी। बाद में पुलिस ने 11 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भाजपा नेताओं को पुलिस लाइंस ले जाया गया जहां दो घंटे के बाद उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
भाजपा नेता प्रमोद पांडेय ने कहा कि जनपद में आए दिन आग लग रही है। किंतु जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ लेखपालों पर छोड़ चुप्पी साधे हुए हैं। यही नहीं, आगजनी के शिकार परिवारों से भी लेखपालों द्वारा रिश्वत लिए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक पांडेय ने कहा कि पुलिस की ताकत के बल पर अग्निपीड़ितों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
डीएम ने यदि जनता से जुड़े सवाल पर ज्ञापन स्वीकार कर लिया होता तो बात आगे न बढ़ती। हिरासत में लिए जाने वालों में प्रमोद पांडेय, आलोक पांडेय, अखंड प्रताप सिंह, अजय उपाध्याय, विजय रंजन त्रिपाठी, आशीष शुक्ल, अजय सिंह, सौरभ पाठक, ज्ञानेंद्र मिश्र, आशीष त्रिपाठी आदि शामिल है।
इस मौके पर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष यशकांत सिंह, भाजपा के जिला मंत्री परमेश्वर शुक्ल पप्पू, अजय उपाध्याय, अतुल सिंह, राजेश पाल चौधरी, सचिन सिंह, डब्लू वर्मा, प्रदीप पांडेय, अंशुमान शुक्ल, शास्वत श्रीवास्तव, ओंकार चौधरी, आदित्य नरायन तिवारी, ज्ञानेंद्र मिश्र, दिनेश सिंह, अजय सिंह चौहान, प्रज्वल सिंह, सौरभ पाठक, विमलेश तिवारी, शुभम मिश्र, विशाल चौधरी, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे।
डीएम का रवैया निंदनीय: जिलाध्यक्ष
भाजपा के जिलाध्यक्ष पवन कुमार कसौधन ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अग्निपीड़ितों की समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन देने गए। उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई बाहर नहीं आया। डीएम न आते तो उनके प्रशासनिक अधिकारी को तो बाहर आकर ज्ञापन ले लेना चाहिए था। मगर कोई कमरे से बाहर नहीं निकला। डीएम का रवैया निंदनीय है। कहा कि कार्यकर्ताओं से पुलिस ने जबरदस्ती की, उनके साथ अभद्रता कर हिरासत में लिया। जिला प्रशासन अपनी कार्यशैली में बदलाव लाए, अन्यथा भाजपा बृहद आंदोलन छेड़ने को विवश होगी।