अवैध वसूली के आरोपी किशोरपुरा सीआई हीरालाल
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बस्ती/दुबौलिया। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के एक मुकदमे की तफ्तीश कर रहे सब इंस्पेक्टर द्वारा केस हलका करने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला प्रकाश में आया है। बृहस्पतिवार सुबह मोबाइल पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग का ऑडियो क्लिप एडीजी/आईजी समेत अन्य उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही महकमे में खलबली मच गई। एसपी दिलीप कुमार ने तत्काल प्रभाव से विवेचक (सब इंस्पेक्टर) दिनेश चंद्र मिश्र को निलंबित कर दिया। डीआईजी राकेश चंद्र साहू ने बताया कि मामले की जांच सीओ हर्रैया को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीती जनवरी में दुबौलिया थाने में नाबालिग बालिका को भगाने का मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें आरोपी पर पाक्सो सहित कई संगीन धाराएं लगाई गईं। थाने पर तैनात एसआई दिनेश चंद्र मिश्र को तफ्तीश सौंपी गई। अशोकपुर निवासी आरोपी सूरज को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। सूरज के चाचा ओमप्रकाश ने बृहस्पतिवार को एक ऑडियो क्लिप पुलिस अधिकारियों को भेजी, जिसमें मुकदमे के विवेचक उससे 10 हजार रुपये मांग रहे हैं। न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। बकौल डीआईजी, अभियुक्त के चाचा ने जो आरोप लगाया है उसके आधार पर दरोगा को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।