थाना क्षेत्र के बेलहरा गांव के उत्तर कुएं में गिरे हिरन के बच्चे की समय से इलाज न मिलने से मौत हो गई। चार घंटे के बाद बाहर निकाले गए हिरन के बच्चे की मौत से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हालांकि, वन विभाग और पुलिस की सूझबूझ से बवाल बढ़ने नहीं पाया। डीएफओ वीके मिश्र ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यदि फॅारेस्टर के पहुंचने में देर हुई होगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गांव के राजू शर्मा भोर में साढ़े चार बजे गांव के बाहर गए तो पास के कुएं में कुछ गिरने की आहट सुनकर करीब पहुंचे। देखा कि पानी में हिरन का एक बच्चा तैर रहा है। शोर मचाने पर गांव के सचिन, राजेश, रवि, चन्द्रभान सिंह, अनीश, ध्रुव सहित कई पहुंचे और निकालने के लिए प्रयास करने लगे। ग्रामीणों ने वन विभाग और वाल्टरगंज थाने को सूचित किया। इधर, लोगों ने हिरन के पांच माह के बच्चे का बाहर निकाला। बाहर निकाले जाने के थोड़ी देर बाद उसने दम तोड़ दिया। आठ बजे के बाद फॉरेस्टर राजकुमार पहुंचे। उनसे गांववालों ने देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। फॅारेस्टर से लोगों ने देर से पहुंचने का कारण पूछा तो उसने ड्राइवर के न रहने की बात कही। इसके बाद 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे डॉयल 100 के सिपाहियों ने माहौल शांत कराया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।