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बीईओ बंधक, शिक्षक पदाधिकारियों पर एफआईआर

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Teachers
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बनकटी। 
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क्षेत्र के सजहरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षक सुमन यादव को रिलीव करने का मामला शुक्रवार को विवाद में तब्दील हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी सहायक शिक्षक को रिलीव नहीं कर रही थीं, जबकि उनका चयन अंग्रेजी विद्यालय में हो गया है।
शुक्रवार को इसे लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रिलीव करने का दबाव बनाया। चेतावनी दी कि जब तक रिलीव नहीं करेंगी तब तक निकलने नहीं दिया जाएगा। गरिमा यादव उक्त ब्लॉक पर बतौर खंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त हैं। यहां उक्त प्राथमिक विद्यालय पर तैनात सुमन यादव का चयन इंग्लिश विद्यालय में हो गया है। वह बीईओ से रिलीव करने को कहीं तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। शुक्रवार को जब प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी बनकटी बीआरसी पर शिक्षक उन्नयन गोष्ठी और सेवानिवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह में पहुंचे तो सुमन ने यह मामला उठाया। सुमन के साथ अन्याय होते देखकर संघ के पदाधिकारी बीईओ से मिले, मगर उन्होंने तर्क दिया कि उक्त विद्यालय पर एक ही शिक्षक है यदि वह चली गईं तो यहां पठन-पाठन बंद हो जाएगा। इस तर्क को शिक्षक नेताओं ने मनाने से इनकार कर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। इसी को लेकर शिक्षक नेताओं और बीईओ में कहासुनी होने लगी। बाद में शिक्षकों ने बीईओ को जाने दिया। बीईओ गरिमा यादव ने बताया कि सजहरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर एक ही शिक्षक सुमन यादव हैं उनके रिलीव होने के बाद विद्यालय बंद हो जाएगा। शिक्षक की व्यवस्था के बाद उन्हें रिलीव किया जा सकता है। संगठन से जो विवाद हुआ है उससे बीएसए को अवगत करा दिया जाएगा।  
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जिलाध्यक्ष समेत कई नामजद 
बनकटी बीआरसी पर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और बीईओ गरिमा यादव के विवाद में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। संघ के पदाधिकारी शशि भूषण, दुर्गेश यादव, उमाकांत शुक्ला, सुरेश गौड़ व अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है। 
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चारों हेडमास्टर सस्पेंड, चार जांच टीमें गठित 
बनकटी ब्लॉक की बीईओ गरिमा यादव को बंधक बनाकर अशोभनीय व्यवहार करने के आरोपी चारों प्रधानाध्यापकों को बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी शशि भूषण, दुर्गेश यादव, उमाकांत शुक्ला और सुरेश गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद डीएम सुशील कुमार मौर्य को रिपोर्ट दी गई। प्रकरण से नाराज डीएम की त्योरी चढ़ गई। उन्होंने बीएसए को निर्देश देकर जांच के लिए तीन-तीन सदस्यीय चार टीमें गठित कराईं। इनमें दो टीमों की कमान महिला जांच अधिकारी को सौंपी गई है। बीएसए का कहना है कि चारों आरोपी अलग-अलग विद्यालय के प्रधानाध्यापक हैं। ये जांच प्रभावित न कर सकें, इसलिए सबके लिए अलग टीमें बनाई गईं।
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