फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करंट की चपेट में आने से दो संवदि कर्मियों की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

करंट लगने से दो संविदा कर्मियों की मौत
बड़ेवन चौराहे एवं महसों क्षेत्र में हुईं दुर्घटनाएं
शटडाउन के बाद भी 11 हजार केवी लाइन में दौड़ा करंट
जिम्मेदारों की लापरवाही से काल के गाल में समा गए कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बिजली निगम में तैनात दो संविदा कर्मियों की मौत करंट की चपेट में आने से हो गई है। एक की मौत लखनऊ में उपचार के दौरान तो दूसरे की रविवार दोपहर बड़े वन चौराहे पर 11 हजार केवी लाइन पर काम करते समय अचानक आपूर्ति बहाल हो जाने के चलते हुई है।
बड़ेवन चौराहे स्थित दुलारी वाटिका के पास रविवार को 11 हजार केवी लाइन में फाल्ट की सूचना विद्युत उपकेंद्र बड़ेवन को दी गई थी। एक संविदाकर्मी ने उपकेंद्र से फोन पर शटडाउन लिया था। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे संविदा लाइन मैन रवीनंदन श्रीवास्तव साथी कर्मियों के साथ फाल्ट ठीक करने के लिए वहां पहुंचे। यहीं एक और स्थान पर लाइन फाल्ट था, जिसे दूसरा कर्मी ठीक कर रहा था। लाइन ठीक करने के लिए रवींद्र ने शटडाउन ले रखा था। वह निश्चिंत भाव से खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक करने लगे। अभी लाइन ठीक करने में जुटे ही थे कि अचानक आपूर्ति बहाल हो गई और वह तार से चिपक गए। साथी कर्मियों ने उन्हें सीढ़ी से मारकर नीचे गिराया। इसके बाद लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बताते हैं कि जिस समय रवीनंदन लाइन पर चढ़े थे उसी समय दूसरे स्थान पर लाइन ठीक कर कर्मी नीचे उतरा और तत्काल शटडाउन वापस ले लिया।
विज्ञापन

दूसरी घटना शनिवार को देर शाम की है। महसों में अचानक विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसकी सूचना जब ताड़ी जोत गांव निवासी संविदा कर्मी सुमंतलाल को हुई तो वे उपकेंद्र पर ड्यूटी पर तैनात निरंकार को शटडाउन देने के लिए कहे। शटडाउन मिला तो वे खंभे पर चढ़ कर लाइन ठीक करने लगे। इसी बीच आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे करंट की चपेट में आकर सुमंतलाल झुलस गए। किसी तरह उन्हें नीचे उतारा गया। गंभीर स्थिति में सहयोगी व परिवार के लोग सुमंत लाल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। यहां भी उनकी हालत में कोई सुधार न हुआ तो डॉक्टर लखनऊ मेडिकल कालेज रेफर कर दिए। लखनऊ में ही रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अवर अभियंता विद्या सागर ने बताया सुमंत एक वर्ष से संविदा पर तैनात थे। शटडाउन लेकर वे लाइन ठीक कर रहे थे कि अचानक कैसे लाइन आ गई इसकी जांच होगी। मुख्य अभियंता ओपी यादव ने कहा कि संविदा कर्मी निगम के हैं। घटना में कौन दोषी है। इसकी जांच होगी। उन्हें कतई नहीं बख्शा जाएगा। दोनों कर्मियों को निगम अनुमन्य अहेतुक सहायता दिया जाएगा।
विज्ञापन


मुखिया की मौत, बिखर गया परिवार
सोनहा। बिजली निगम में संविदा पर तैनात रविनंदन श्रीवास्तव ग्राम पंचायत अमरौली शुमाली के टोला रामनगर के निवासी थे। वह शहर के ब्लॉक रोड पर मकान बनवा कर रहते हैं। यहीं वह इलेक्ट्रिक की दुकान भी चलाते थे। वह घर के कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया। तीन छोटे-छोटे बच्चे व उनकी पत्नी अनीता सदमे में हैं। इधर, गांव पर सूचना पहुंची तो गांव में मातम पसर गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें