सियरापार स्थित नर्सिंगहोम का लाइसेंस होगा निरस्त
- प्रसूता की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सोनहा थाना क्षेत्र के मुडबरा गांव निवासी अजीत कुमार चौधरी की शिकायत की जांच में दोषी पाए गए नर्सिंग होम संचालक पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस निर्देश के क्रम में संबंधित नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुडबरागांव निवासी मृतका अनुुराधा चौधरी के पति अजीत कुमार चौधरी ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के जन सुनवाई पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी की मौत प्रसव के बाद नर्सिंग होम के कर्मियों की लापरवाही से हो गई। शिकायत में कहा गया कि 22 सितंबर 2018 को उनकी पत्नी को सियरापार स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां एएनएम के माध्यम से जुड़वा बच्चे पैदा हुए। आरोप लगाया कि आपरेशन के दौरान दाढ़ी बनाने वाले ब्लेड का प्रयोग किया गया। बच्चे पैदा होने के बाद प्रसूता को रक्तस्राव होने लगा। जिसे रोक पाने में असफल होने पर नर्सिंग होम की महिला संचालक ने शहर के जिगिना स्थित नर्सिंग होम पहुंचाया। यहां 24 सितंबर 2018 को उसे भर्ती किया गया। 29 सितंबर को यहां डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रसूता को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया। परिवार के लोग 30 सितंबर को अनुराधा को लेकर गोरखपुर जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। शिकायत के बाद जांच हुई तो मामले में सियरापार स्थित नर्सिंग होम दोषी पाया गया।
एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार अनुराधा का आपरेशन डॉक्टर की बजाय अप्रशिक्षित हाथों से किया गया। इसके चलते उसे रक्तस्राव होने लगा था। उसके बाद जिस नर्सिंग होम में उसे भर्ती कराया गया, वहां उसे मानवता के आधार पर इलाज किया गया। हालांकि वहां स्थिति खराब होते देख गोरखपुर रेफर किया गया था, मगर इसमें सारी गलती नर्सिंग होम की पाई गई। ऐसे में नर्सिंग होम के खिलाफ रिपोर्ट दी गई है। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।