फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फोटो... दंपति का झगड़े में कूदकर गंवाई जान

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो...
विज्ञापन

दंपती के झगड़े में कूदकर गंवाई जान
आरोपी को आला कत्ल के साथ गिरफ्तार किया
कुदाल के वार से फटा सिरपता का सिर हुई मौत
नगर थाने के धुसुरिया गांव में रविवार को हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार (बस्ती)। धुसुरिया गांव की 65 वर्षीय महिला की गैर इरादतन हत्या के आरोपी मोहित को पुलिस ने आला कत्ल समेत गिरफ्तार कर लिया।
रविवार शाम की इस घटना में महिला को महज इसलिए जान गंवानी पड़ी, क्योंकि वह अपने खेत के बंटाईदार दंपती के बीच का झगड़ा छुड़ाने चली गई। मौके पर गुस्से से तमतमाया पति मोहित अपनी पत्नी पर कुदाल से वार किया। उसी क्षण पहुंची सिरपता ने उसकी पत्नी को बचाने के लिए धक्का देकर दूर कर दिया मगर हाथ से चल चुकी कुदाल सिरपता के ही सिर पर जा लगी। लहूलुहान होने पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसपी दिलीप कुमार के अनुसार अभियुक्त इस महिला का बे-इरादा कातिल बन बैठा। सिरपता के बेटे रविन्द्र ने तहरीर दी कि उसकी मां ने माली टोला निवासी मोहित को अपना खेत बंटाई पर दे रखा है। एसपी के अनुसार रविवार शाम मोहित अपनी पत्नी के साथ खेत में सब्जी वाली मटर की बुआई करने गया। कुछ देर बाद सिरपता पहुंच गई। मोहित ने पत्नी से बुआई वाला बीज लाने को बोला तो उसने कहा कि जाकर खुद ले लो। इस बात से मोहित का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पास में रखी कुदाल उठाई और अपनी पत्नी पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के दौरान कुदाल सिरपता के सिर में लग गई। घायल सिरपता को छोड़कर मोहित भाग खड़ा हुआ था। उसे पुलिस ने दबोच लिया।

फोटो...
दिल्ली से गांव में शव पहुंचा, मचा कोहराम
बभनान के युवक की सड़क हादसे में हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान (बस्ती)। नगर पंचायत बभनान के वार्ड नंबर नौ दीनदयाल नगर निवासी युवक का सोमवार को दिल्ली से शव लाया गया। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वार्ड नंबर नौ निवासी गोपी का 22 वर्षीय पुत्र उत्कर्ष उर्फ लकी बनारस की एक सीमेंट फैक्ट्री में नौकरी कर रहा था। 26 अक्तूबर को निजी कार से कहीं जाते समय पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिससे कार के परखचे उड़ गए थे। उत्कर्ष को गंभीर हालत में पुलिस की मदद से एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बभनान से परिवार के लोग निकल पड़े। उनके पहुंचने पर डॉक्टरों ने एम्स दिल्ली रेफर कर दिया। मां-बाप और बहन के साथ इलाज करा रहे थे। लेकिन रविवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। शव पहुंचने के बाद घर पर काफी भीड़ जमा हो गई। बेटे की मौत से स्तब्ध पिता और मां का करुण क्रंदन से कस्बेवासियों की भी आंखें नम होतीं रहीं। उत्कर्ष की अब एक बहन भर है। सोमवार को ही दिवंगत का अयोध्या के सरयू तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें