पिता के नाम के चक्कर में चार माह का मासूम बना लूट में वांछित
बस्ती। बच्चे पर लूट का मुकदमा और उसे तलाशते घर पहुंची पुलिस, तो परिजनों के होश उड़ गए। पुलिस को भी इस बात का आभास नहीं था कि लिखा-पढ़ी में गलती के चलते वह एक निर्दोष के घर जा पहुंची है।
घटनाक्रम से दुखी मासूम के पिता ने मुख्यमंत्री समेत पुलिस के आला अफसरों को पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई है। इसके बाद हरकत में आई पुलिस प्रशासन ने छानबीन की, तो पता चला कि आरोपी लूटेरा इसी गांव का है और उसका नाम भी विवेक है। फर्क पिता के नाम में है। नगर बाजार थाना क्षेत्र के अठदमा निवासी रामशंकर यादव के अनुसार उनके बेटे विवेक का जन्म दस अक्टूबर 2012 को हुआ था। कोतवाली में 23 जनवरी 2013 को मोबाइल व बाइक लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें तीन आरोपितों में एक विवेक यादव नाम का आरोपी भी शामिल था, जिसके पिता का नाम श्याम चंद्र है। वारदात के बाद विवेक कोर्ट में हाजिर हुआ था। कोतवाली पुलिस ने भी मामले की विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। चार्जशीट में आरोपी विवेक व उसके पिता का नाम सही अंकित है। रामशंकर यादव के अनुसार करीब छह-सात माह पूर्व नगर बाजार थाना की पुलिस उनके घर पहुंची थी। उनके हाथ में मौजूद कागज में लूट के आरोपित विवेक यादव के पिता के तौर पर उनका नाम अंकित था। उन्होंने सफाई भी दी। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस बार-बार उनके घर पर आरोपी विवेक की तलाश में पहुंचती रहीं और उन पर गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने छानबीन की, तो आरोपी विवेक यादव के पिता का नाम रामशंकर नहीं बल्कि श्यामचंद्र निकला।
इस संबंध में एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि प्रकरण की जांच में यह बात साफ हो गई है कि उसी गांव में विवेक यादव नाम का शख्स करीब चार वर्ष हुई लूट की घटना में आरोपी है। उसके पिता का नाम श्यामचंद्र यादव है। जबकि शिकायतकर्ता का नाम रामशंकर यादव है। छह-सात माह पूर्व पुलिस किन परिस्थितियों में इनके घर गई थी। इसकी जांच कराई जाएगी।