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Basti News: सोनहा थाने में 31 घंटे धरने के बाद सिपाही निलंबित

Mon, 03 Mar 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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सोनहा थाने में 31 घंटे धरना देने के बाद निलंबित हुआ बदसलूकी का आरोपी सिपाही-
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सोनहा थाने में 31 घंटे धरने के बाद निलंबित हुआ दुर्व्यवहार का आरोपी सिपाही
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- महिला अधिवक्ता से दुर्व्यवहार व परिवार से मारपीट का मामला
- हिंदू महासंघ सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता धरने में हुए शामिल
- सोनहा क्षेत्र के अमरौली शुमाली गांव में जमीन के विवाद को लेकर शुरू हुआ था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनहा (बस्ती)। महिला अधिवक्ता से दुर्व्यवहार और उनके परिवार के लोगों की पिटाई को लेकर सोनहा थाने में रविवार सुबह 10 बजे से चल रहा धरना सोमवार को शाम पांच बजे 31 घंटे बाद सिपाही के निलंबन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह, पीआरवी प्रभारी शशांक शेखर राय सहित अन्य अधिकारियों के मान-मनौव्वल की कोशिश बेकार साबित हुई।
हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, पीड़ित महिला अधिवक्ता व अन्य लोग टस से मस नहीं हुए। सोमवार को शाम पांच बजे पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के सिपाही को निलंबित करने के आदेश के बाद वे लोग यह कहते हुए थाने से निकले कि एक सप्ताह के भीतर यदि केस दर्ज नहीं किया गया तो फिर से धरना-प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे।
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इससे पहले सोमवार को धरने में बजरंग दल के जिला संयोजक मनमोहन त्रिपाठी, सरदार सेना के बृजेश चौधरी, विश्व हिंदू महासंघ के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री व महिला अधिवक्ता के सीनियर कुलदीप मिश्र, बजरंग दल के जिला संयोजक मनमोहन त्रिपाठी, सरदार सेना के प्रदेश सचिव बृजेश पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र व भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश चौधरी अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरने में समय-समय पर पहुंचते रहे।
शाम पांच बजे विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह राना ने पहुंच कर पुलिस अधीक्षक से फोन के जरिये बात होने के बाद धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। रविवार को थाना क्षेत्र के अमरौली शुमाली गांव के रामनगर टोला में जमीन के विवाद की सूचना पर पहुंचे डायल-112 के पुलिसकर्मियों से महिला अधिवक्ता की बहस हो गई थी।
आरोप है कि पुलिस कर्मी पहुंचते ही अपशब्द कहते हुए मारने-पीटने लगे। मोबाइल से इसका वीडियो बनाते देख एक सिपाही भड़क गया और उसने अधिवक्ता को अपशब्द कहने लगा। मौके से पुलिस चार लोगों को थाने ले गई। आरोप है कि थाने में उनकी जमकर पिटाई करके शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।

इधर, मामले की जानकारी महिला अधिवक्ता के सीनियर हिंदू महासंघ के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री कुलदीप मिश्र को हुई तो वह महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह व अन्य सहयोगियों के साथ थाने पर पहुंच गए। उन लोगों ने थाने में बैठाए गए लोगों को छोड़ने के लिए कहा, मगर पुलिस की तरफ से कहा गया कि इन सबका शांतिभंग की आशंका में चालान किया जा चुका है।
इस पर हिंदू महासंघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने में धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जब तक पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर उन्हें निलंबित नहीं किया जाता है तब तक धरना चलता रहेगा। उधर, महिला अधिवक्ता से बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी सिपाही अरुण कुमार यादव को लाइन हाजिर कर दिया, मगर धरना दे रहे हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता कहने लगे कि थाने में लाकर एक पक्ष के तीन लोगों की पिटाई की गई। जिसका थाने के सीसीटीवी में फुटेज की जांच की जाए और आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया जाए।
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यह था मामला

- अमरौली शुमाली गांव में चकबंदी चल रही है। वहां के अखिलेन्द्र श्रीवास्तव व अरविंद चौधरी के बीच जमीन को लेकर चकबंदी न्यायालय में वाद चल रहा है। करीब 12 दिन पूर्व विवादित जमीन पर अरविंद चौधरी पक्ष से टीनशेड डालकर कब्जा किया जाने का प्रयास किया जा रहा था। जिसके बाद पिछले शनिवार को आयोजित समाधन दिवस में दोनों पक्षों के मध्य एसडीएम आशुतोष तिवारी, नायब तहसीलदार कृष्ण मोहन व चकबन्दी लेखपाल की मौजूदगी में सुलहनामा हुआ कि न्यायालय के आदेश तक दोनों पक्ष विवादित जमीन पर यथास्थिति कायम रखेंगे। बताया जा रहा है कि रविवार को एक पक्ष विवादित जमीन पर भैंस बांध रहा था। जिसका दूसरे पक्ष के विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनने लगी। इस बीच सूचना पाकर मौके पर डायल 112 की टीम पहुंची थी।
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