बस्ती। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा व सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने लड़की के विवाह में भोजन बनाने का करार करने के बाद भी न पहुंचने वाले कैटर को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने मुकदमे पर हुए खर्च के एवज में 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
कप्तानगंज क्षेत्र के ग्राम ऐंठी निवासी विनय तिवारी ने न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया। परिवादी के कथन के अनुसार, उसकी पुत्री की शादी 29 फरवरी 24 को कप्तानगंज के एक मैरिज हॉल से होना सुनिश्चित किया था। जय वैष्णो के नाम से कैटरिंग का काम करने वाले झगरू निवासी पकड़ी चौहान को खाना बनाने का ठेका दिया था। इसके लिए 13 हजार रुपये अग्रिम दिए थे। विवाह के एक दिन पूर्व मिठाई बनाने का कार्य करना था, परंतु बार-बार कैटर के मोबाइल पर फोन करने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। न तो वह मिठाई बनाने पहुंचे और न ही खाना। परिवादी के अधिवक्ता को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जिम्मेदारी लेने के बाद भी समय से मिठाई व भोजन न बनाकर कैटर ने अपनी सेवा में लापरवाही किया है। संवाद