अतिक्रमण से सिकुड़ा कंपनीबाग-बड़ेवन फोरलेन- संवाद
बस्ती। बड़ेवन से कंपनीबाग तक 16.50 करोड़ की लागत से फोरलेन सड़क तो बना दी गई लेकिन, जिम्मेदारों ने सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया। सड़क की सुरक्षा के लिए दोनों तरफ बैरिकेडिंग की जानी थी ताकि सड़क पर अतिक्रमण न होने पाए और शहरी आवागमन सुगम रहे। लेकिन, ऐसी व्यवस्था नहीं होने से यह सड़क पहले की ही तरह अतिक्रमण की जद में आकर सिकुड़ गई है।
दो साल पहले बड़ेवन से कंपनीबाग की सड़क सात मीटर चौड़ी थी। तब दोनों तरफ फुटपाथ पर कहीं पार्किंग तो, कहीं मुमटी, ठेला रखकर अतिक्रमण किया गया था। लोगों को उम्मीद थी 22 मीटर चौड़ी फोरलेन बनने के बाद आवागमन सुगम होगा और शहर की रौनक भी बढ़ेगी। हाईवे से सीधे जुड़ने वाले इस मार्ग का निर्माण तो लगभग पूर्ण कर दिया गया है। लेकिन, अब तक सड़क को दोनों तरफ से बैरिकेड करके सुरक्षित नहीं किया गया है। सड़क पर पहले की तरह दुकानें लगने लगी हैं। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण से फोरलेन टू लेन जैसा हो गया है।
बड़ेवन से लेकर कंपनीबाग तक बड़े- बड़े शोरूम, बैंक एवं अन्य सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय भवन के सामने सड़क बनने के बाद खाली जगह नहीं बची है। ऐसे में यहां आने वाले लोगों के वाहन सड़क पर ही पार्क हो रहे हैं।
इसके अलावा कटरा, बीडीए भवन के सामने पहले की तरह सड़क पर दस फीट कर चौड़ाई में फुटकर दुकानें लग रही है। ठेला, गिमटी आदि की भरमार हो गई है। जिससे यह सड़क सिकुड़ गई है। नगर पालिका की तरफ से अतिक्रमण के खिलाफ छिटपुट कार्रवाई होने पर दो तीन दिन तक सड़क चौड़ी दिख रही है। इसके बाद स्थिति जस की तस हो जा रही है।
जानकारों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए सड़क के दोनों तरफ बैरिकेडिंग करके पैदल चलने के लिए बगल में गलियारा बनाया जाना जरूरी है। तभी इस सड़क की उपयोगिता सिद्ध हो पाएगी।