बस्ती। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में बृहस्पतिवार को दोपहर तब हड़कंप मच गया जब आयुक्त अखिलेश सिंह आ धमके। कर्मी पटल पर फाइलों को व्यवस्थित करने में जुट गए। इस दौरान कमिश्नर ने उर्वरक वितरण एवं स्टॉक से संबंधित अभिलेखों को तलब कर लिया। इसके लिए ओवर रेटिंग पर की जा रही कार्रवाई का रजिस्टर भी मांगा। घंटों मौजूद रहकर उन्होंने प्रत्येक बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की।
कमिश्नर के पहुंचने पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह क्षेत्र में गए हैं। कमिश्नर ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा एवं अपर जिला कृषि अधिकारी अंबिकेश सिंह को तलब किया। उन्होंने उर्वरक स्टॉक और वितरण से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसका अवलोकन करने के बाद कमिश्नर ने उर्वरक की ओवर रेटिंग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई का फीड बैक मांगा। मौजूद अधिकारियों ने बताया कि सभी ब्लॉकों में तैनात एडीओ कृषि से उर्वरक बिक्री की मॉनीटरिंग कराई जा रही है। नियमित रूप से वह दुकानों पर पहुंच कर स्टॉक और वितरण का रजिस्टर देख रहे हैं। इसमें अंकित किसानों के मोबाइल पर फोन करके निर्धारित दर पर उर्वरक मिलने की क्रॉस चेकिंग भी कराई जा रही है। बताया गया कि अभी तक किसी भी दुकान से ओवर रेटिंग की पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच कुछ देर के बाद जिला कृषि अधिकारी भी आ पहुंचे। कमिश्नर ने उनसे भी सवाल- जवाब किया। निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में उर्वरक की ओवर रेटिंग नहीं होनी चाहिए। खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए भी अधिकारी सतर्क रहें। उर्वरक वितरण की नियमित मॉनीटरिंग की जाए।