बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के धंधे में बस्ती में भी बोगस फर्म के नाम पर सप्लाई का खेल सामने आया है। जिस गणपति फार्मा के नाम पर चार फर्मों ने 1.72 लाख शीशी सिरप की सप्लाई दिखाई थी, एसआईटी की जांच में उस एजेंसी के संचालक पंकज कुमार का नाम-पता सब फर्जी पाया गया है।
एजेंसी के पंजीकरण में लगाए गए आधार कार्ड में दिए गए पते पर पंकज कुमार नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। दिए गए पते पर एजेंसी पहले ही संचालित नहीं मिली थी। अब पंजीकरण और लाइसेंस जारी करने के समय सत्यापन में लापरवाही को लेकर औषधि विभाग के जिम्मेदार भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। कोडीनयुक्त सिरप मामले के तार बनारस, जौनपुर, रांची से लेकर बस्ती तक जुड़े हुए हैं। ईडी और एसआईटी की उच्च स्तरीय जांच की आंच बस्ती तक पहुंच गई है।
ईडी के रडार पर कंपनी, सुपरस्टॉकिस्ट, रिटेलर के अलावा औषधि विभाग के जिम्मेदार भी आ गए हैं। पुरानी बस्ती और कोतवाली समेत दो थाना क्षेत्रों में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई करने वाली छह फर्माें के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
एसपी अभिनंदन ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है। दरअसल, नौ दिसंबर को कोडीनयुक्त कफ सिरप की सबसे अधिक 1.72 लाख शीशी खपाने में गणपति फार्मा का नाम आया।
औषधि विभाग में गणपति फार्मा के पंजीकरण में संलग्न आधार कार्ड में मालिक के रूप में पंकज कुमार का नाम लिखा है और पता पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के हड़िया चौराहे का दर्ज है।