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Basti News: दावा पांच सौ बंदर पकड़ने का...हर गली-मोहल्ले में आतंक

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पिंजरे में कैद उत्पाती बंदर। संवाद
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बस्ती। इस जिले के लिए बंदर लाइलाज बीमारी बन गए हैं। नगर पालिका प्रशासन ने पांच महीने पहले शहर में पांच सौ बंदर पकड़वाने के बाद चुप्पी साध ली है, जबकि शहर हो या गांव हर जगह बंदर दिनभर धमाचौकड़ी मचाते रहे हैं।
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महिलाओं का पूरा दिन बंदरों को भगाने में बीत जा रहा है। नजर हटते ही बंदर रसोई घर पर टूट पड़ते हैं। कपड़े भी फाड़ दे रहे हैं। फिलहाल बंदरों से बचाव के लिए नगर पालिका और 10 नगर पंचायतों के पास कोई योजना नहीं है।
बंदर इतने उत्पत्ति हो गए हैं कि लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। शहर का कोई भी ऐसा मोहल्ला अछूता नहीं बचा है, जहां सुबह होते ही बंदरों की धमाचौकड़ी न शुरू हो जाती है। यही हाल अयोध्या से सटे बस्ती जिले का है। लोगों को कहना है कि बंदर इस कदर बेखौफ हो गए हैं, अकेले इंसान पर हमला करने से भी नहीं चूकते हैं। उनका कहना है कि जब-जब अयोध्या में किसी वीवीाआईपी का दौरा होता हे तो इस जिले में बंदरों की संख्या में इजाफा हो जाता है।
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शहर के मंगला कॉलोनी की रहने वाली मिथिलेश पांडेय ने बताया कि बंदरों का झुंड एक से दो बार जरूर छत पर आता है। यदि छत पर सूखने के लिए अनाज रखा है तो उसका बच पाना मुश्किल है। भगाने से भी नहीं भागते हैं। लाठी-डंडा दिखाने पर काटने के लिए दौड़ा देते हैं। चूंकि दिन में पुरुष घर पर रहते नहीं हैं। ऐसे में बंदर कुछ अनाज खा लेते हैं तो कुछ बर्बाद कर देते हैं। पिकौरा शिव गुलाम मोहल्ले की सोनी शुक्ला ने बताया कि बंदरों ने नाक में दम कर रखा है। सुबह से शाम तक बंदर इस घर से उस घर पर मंडराते रहते हैं। नगर पालिका प्रशासन को इन बंदरों को पकड़वाना चाहिए, ताकि शहरियों को इनसे राहत मिल सके।
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