मौसम की मार से बच्चे हो रहे बीमार
जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया, निमोनिया व बुखार से पीड़ित 14 बच्चे भर्ती
- बोले, डॉक्टर, हेल्दी सीजन के चलते बड़े लोग कम हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तेज ठंड का प्रभाव बच्चों पर नजर आने लगा है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में कोल्ड डायरिया, निमोनिया व बुखार से पीड़ित 14 बच्चे भर्ती हैं, जबकि अन्य बीमारियों के भी बच्चे इलाज के लिए भर्ती कराए गए हैं। यहां ड्यूटी पर चिकित्सक डॉ. वीके यादव मौजूद मिले। बोले, हेल्दी सीजन के चलते बच्चे अथवा अन्य लोग कम बीमार हो रहे हैं। इसलिए ओपीडी में भी अब तकरीबन भीड़ आधी हो गई है।
कोरोना की लहर के बीच ठंड मौसम का प्रभाव बच्चों पर अधिक है। इसके चलते बच्चे कोल्ड डायरिया, निमोनिया अथवा बुखार खासी से परेशान हैं। यूं तो जिला अस्पताल का ओपीडी अब आधा हो गया है, मगर बच्चों के चिकित्सकों के यहां भीड़ है। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चों में से एक दो को छोड़कर शेष 11 बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित भर्ती कराए गए हैं, जबकि कुछेक बच्चों को कोल्ड डायरिया की शिकायत के बाद भर्ती करा दिया गया है।
यहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. वीके यादव ने कहा कि यूं तो यह मौसम हेल्दी है। इसलिए कम लोग बीमार पड़ रहे हैं। लापरवाही के कारण बच्चों पर ठंड का असर हो रहा है। धूप के बावजूद हवा चलने के कारण ठंड का असर है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें गरम कपड़ों में रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में खांसी व सर्दी की दवाओं के अलावा बुखार की भी दवा उपलब्ध है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें धूप निकलने से पहले घर से न निकलने दें।
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एसआईसी ने कहा
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि अस्पताल में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए पीआईसीयू पूरी तरह तैयार है, मगर अभी ऐसा कोई मरीज यहां भर्ती नहीं हुआ है, जिसे पीआईसीयू में रखा जाए। अस्पताल का ऑक्सीजन जनरेटर सिस्टम भी पूरी तरह संचालित है।
मौसम की मार का जोड...
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि निमोनिया, सर्दी खांसी के हर दिन औसतन 20 से 25 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि हर दिन तकरीबन 35 से 40 बच्चे डायरिया, निमोनिया व सर्दी, जुकाम बुखार के आते हैं।