दीसीएमएस स्कूल में जूनियर के बच्चें फूल की वर्षा करते शिक्षक।
- फोटो : BASTI
चेहरे पर मुस्कान लिए स्कूल पहुंचे बच्चे
बस्ती। कोरोना महामारी के कारण 11 महीने के बंद स्कूलों में बुधवार को कक्षा आठ के बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचे तो उनके चेहरे खुशी से दमक दिख रहे थे। पहले दिन शिक्षकों ने उनका बड़े प्यार से स्वागत किया और कोविड गाइडलाइन का पालन कराते हुए कक्षाओं में बैठाया। इसके चलते परिषदीय स्कूलों में बुधवार को चहलपहल नजर आई।
शासन की ओर हरी झंडी मिलने के बाद कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए स्कूल को खोला दिया गया। स्कूल खुलने के बाद बुधवार को शेड्यूल के तहत कक्षा आठ के बच्चे काफी खुश दिखे। बच्चों ने कहा कि स्कूल बंद होने के कारण घर में पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। अब स्कूल खुला है तो सही से पढ़ाई हो पाएगी। शिक्षक भी काफी लंबे इंतजार के बाद बच्चों के लिए स्कूल खुलने से खुश हैं। स्कूल खुलने पर कोविड-19 प्रोटोकाल का पूरी तरह बच्चों ने पालन किया। रोस्टर के अनुसार बच्चों को आने के लिए कहा गया है। इसके कारण परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही। जबकि निजी विद्यालयों ने बच्चों के आने पर उनका स्वागत फूलों की वर्षा से किया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय रमवापुर राजा विकास क्षेत्र दुबौलिया में बच्चों के पहुंचने पर शिक्षकों ने उनका उत्साहवर्धन किया। स्काउट शिक्षक कुलदीप सिंह और प्रधानाध्यापक घनश्याम पांडेय ने बच्चों को गुलाब का फूल और बिस्किट देकर स्वागत किया। बच्चे के पहुंचने पर निशुल्क बैग वितरण कर उन्हें नई गाइडलाइन के अनुसार अपना क्रम आने पर ही विद्यालय आने की सलाह दी गई। महादेवा प्रतिनिधि के अनुसार महादेवा क्षेत्र में सभी स्कूल कक्षा छह से आठ तक के ग्यारह महीनों के बाद खुलने पर बच्चों के चहकने से स्कूल परिसर में रौनक दिख रही थी। बच्चे काफी उत्साहित दिख रहे थे। छात्रा छवि ने बताया कि आज स्कूल जाने की इतनी खुशी थी कि पूरी रात नींद नहीं आई। अभिभावक डॉ. आशुतोष ने बताया कि बच्चों के स्कूल जाने से काफी उत्साहित हैं। बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि 995 जूनियर और संविलियन स्कूलों में बुधवार को छात्र-छात्राएं पहुंचे। उन्हें कोविड गाइड लाइन का पालन कराते हुए कक्षाओं में बैठाया गया। तय शेड्यूल के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य कक्षाओं में शिक्षण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
दोस्तों से साझा की खुशी
स्कूलों में पहुंचे कई बच्चे दोस्तों से महीनों बाद मिले तो उनकी खुुशी का ठिकाना नहीं था। तकरीबन हर स्कूलों में बुधवार को 70 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं पहुंचे। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में छात्र-छात्राओं की संख्या और बढ़ेगी। साथ नए दाखिले भी होंगे।