जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज
बस्ती। लगातार ठंडे हो रहे मौसम में लोग लापरवाही के कारण बीमारी का शिकार हो रहे हैं। सुबह-शाम गर्म कपड़ों से परहेज के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 100 से 150 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश के आ रहे हैं।
नवंबर माह की शुरुआत से ही मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। सुबह-शाम की सर्दी और दिन में तेज धूप लोगों को बीमार कर रही है। सुबह घर से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों से परहेज कर रहे हैं। वहीं रात को सर्द मौसम भी उन्हें अपनी चपेट में लेकर बीमार कर रहा है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक बुखार, खांसी, जुकाम और गले की खराश से परेशान हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि दिन रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज ओपीडी कक्ष के बाहर लाइन में खड़े हो जाते हैं। मरीजों की लाइन दो बजे के बाद भी लगी रहती है। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद ने बताया कि रोजाना तीन बजे तक चिकित्सक मरीज का उपचार कर रहे हैं। इसके लिए दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। दवा और जांच प्राथमिकता पर कराई जा रही है। वहीं, ईएनटी सर्जन कक्ष के बाद भी गले में संक्रमण की शिकायत लिए मरीज खड़े दिखे। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि मौसम में ठंड-गर्म के चलते गले में संक्रमण हो रहा है। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें और गर्म पानी से गरारा करते रहे। चिकित्सीय परामर्श के अनुसार ही दवा खाएं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि लोग लापरवाही के कारण सर्दी का शिकार होकर बीमार हो रहे हैं। सुबह घर से निकलते समय वह गर्म कपड़े नहीं पहनते हैं और रात को जब घर लौटते हैं तो सर्द हवा उन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं। बच्चों को नंगे पांव फर्श पर न खेलने दें। गर्म कपड़े पहनाकर रखें। इसमें लापरवाही बच्चों को बीमार बना देगी।