2012 से भानपुर सीएचसी में बालरोग विशेषज्ञ नहीं
भानपुर (बस्ती)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भानपुर में कोई बालरोग विशेषज्ञ नहीं होने से बाल रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अपने बच्चों को ठंड के इस मौसम में बचाकर रखें। क्योंकि, गंभीर रूप से बीमार होने की स्थिति में उपचार के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ेगी।
सीएचसी पर क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा है। जिसके बावजूद यहां वर्ष 2012 के बाद से ही बालरोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली है। वहीं, अस्पताल में प्रतिदिन छह से सात बच्चे सर्दी-जुकाम, बुखार से पीड़ित होकर इलाज के लिए आते हैं। जिनका सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन ही इलाज करते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रिक्त पदों के बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। गंभीर रूप से बीमार बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। इसके साथ ही ओमिक्रॉन के खतरे और ठंड को देखते हुए बच्चों के अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सभी को सलाह दी जा रही है। यहां शून्य से बारह वर्ष तक बच्चों और किशोरों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं मौजूद हैं जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।
उन्होंने बताया कि गांवों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए दवाओं के किट को 170 आशाओं के माध्यम से प्रति आशा 106 किट का वितरण भी सभी गांवों में कराया गया है। लोगों को सिर्फ सावधानी बरतने की जरूरत है और ठंड से बचाव करने की आवश्यकता है।
सर्दी-जुकाम होने पर तुरंत दिखाएं
सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि सर्दी-जुकाम होते ही तुरंत सीएचसी पर दिखाएं। छोटे बच्चों को लेकर सार्वजनिक स्थानों, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। बच्चों के पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखने का प्रयास करें। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। बच्चों को ताजा और गर्म भोजन ही दें। शीतलहर से बचाने के लिए घर पर ही रहने का प्रयास करें।