बस्ती। मौसम में हो रहा उतार-चढ़ाव बच्चों व बुजुर्गों को बीमार कर रहा है। सुबह और शाम हो रही गलन भरी ठंड बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा है। इनकी सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी, वरना गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इस मौसम में डायरिया, वायरल बुखार और हार्टअटैक का खतरा होने की सबसे अधिक संभावना रहती है।
मेडिकल कॉलेज की (ओपीडी) में ही करीब 1200 मरीज रोजाना आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि सुबह शाम ठंड ज्यादा हो रही है। दिन में धूप रहती है। इससे लोग ठंड से बचाव में लापरवाही बरत रहे हैं। जिस कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। बताया कि शुक्रवार को 80 बच्चों का इलाज किया था। जिसमें पांच से छह बच्चे निमोनियां से ग्रसित थे। जबकि बुखार की चपेट के आठ बच्चे पहुंचे थे। ओपीडी में 50 बच्चों का उपचार किया गया। जिसमें करीब नौ बच्चे निमोनिया और 11 बुखार से पीड़ित थे। इसके अलावा सर्दी, खांसी व जुकाम के बच्चे पहुंचे।
बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है। जो बच्चे अस्पताल आ रहे हैं, उनमें वायरल बुखार, निमोनिया, सर्दी, खांसी और जुकाम आदि बीमारियों की शिकायत देखी जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- बच्चों को सुबह शाम पूरी बाजू के ऊनी कपड़े पहनाकर रखें।
- हर बार दूध देने से पहले बोतल कम से कम पांच मिनट तक पानी में खौलाएं।
- पानी में बच्चों को न खेलने दें और ठंडी चीजें खाने से परहेज करें।
- बुजुर्ग सुबह जल्दी बाहर टहलने न निकलें। जरूरी होने पर ऊनी कपड़े पहनकर निकलें।
- जब बाहर टहलने निकलें तो मास्क लगा लें। धूल और धुआं से बचकर रहें।
- हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें। डॉक्टर की सलाह लें।