संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तिथियों की जोड़तोड़ की वजह से इस बार वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास दो हिस्सों में बंट गया। रविवार को पूरे दिन पंचमी तिथि होने की वजह से कई लोगों ने रविवार को ही त्योहार मनाया। वहीं उदया तिथि के कारण ज्यादातर लोग सोमवार को वसंत उत्सव मनाने वाले हैं। शहर के ज्यादातर होटल, मैरिज हॉल सोमवार के वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए फुल हैं। निर्बाध लग्न की वजह से जिले में दो सौ से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है।
पुरोहित पंडित बाल मुकंद के मुताबिक, दो फरवरी को वसंत पंचमी सुबह 9:14 बजे से शुरू होकर दूसरे दिन तीन फरवरी को सुबह 6:52 बजे समाप्त हो रहा है। उदया तिथि में पर्व मनाने की मान्यता होने के कारण बहुत से लोग तीन फरवरी को वसंत पंचमी पर्व मनाएंगे। शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण वहां भी सरस्वती पूजा सोमवार को होगा।
बाल मुकंद के मुताबिक माघ शुक्ल के पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। मां सरस्वती का जन्मदिन भी इसी दिन मनाया जाता है। उनकी आराधना से साकारात्मक चिंतन को बल मिलता है। संगीत कला, साहित्य श्रृजन की प्राप्ति होती है। मां सरस्वती विद्या की देवी हैं। उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी पर शादी विवाह और शुभ कार्य अच्छा माना जाता है। इसलिए आज बड़ी संख्या में शहर में शादियां, तिलक आदि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वसंत पंचमी नई ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है।।