संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी का ट्रेंड आजकल बदल दिया है। अब वे मोबाइल चोरी कर खाते से रुपये निकाल रहे हैं। ऐसे शातिर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूम रहे हैं, जो मोबाइल छिनैती व चोरी की घटना को अंजाम देते हैं।
मोबाइल चोरी व गायब करने के बाद साइबर अपराधी मोबाइल पाते ही उसी मोबाइल नंबर के जरिये यूडीआई हेल्प लाइन नंबर को मैसेज भेजकर आधार कार्ड के नंबर की मांग करते हैं। मैसेज करते ही यूडीआई हेल्प लाइन नंबर की तरफ से मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजी जाती है।
मोबाइल नंबर सही होने के कारण ओटीपी के सत्यापन के बाद यूडीआई हेल्प लाइन से आधार कार्ड नंबर जारी कर दी जाती है। आधार कार्ड नंबर पाने पर साइबर अपराधी गूगल-पे, फोन-पे बनाकर आपका खाता खाली कर ले रहे हैं।
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के देईपार निवासी अशोक यादव के साथ ऐसा ही हुआ। दो दिन पहले वह अमौली सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने गए थे।
वहां मोबाइल फोन गायब हो गई। रात में खाते से रुपये निकलने लगे। शुक्रवार तक खाते में से 1.80 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। ऐसा ही केस लालगंज क्षेत्र के चंद्र प्रकाश के साथ हुआ था। गनीमत रही कि उनके खाते में सिर्फ ढाई हजार रुपये थे, जिसे साइबर अपराधियों ने निकाल लिए। हालांकि, चंद्र प्रकाश ने इसकी तहरीर नहीं दी।
साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर विकास यादव ने बताया कि मोबाइल चोरी होते ही 1930 पर फोन कर जानकारी देते तो खाता खाली होने से बच जाता। हालांकि, मामले में दर्ज कर लिया गया है। ऐसे अपराध से बचने के लिए मोबाइल पर मैसेज अलर्ट एक्टिवेट रखना चाहिए। ं