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Basti News: लग्जरी लाइफ छोड़ भागते फिर रहे धंधेबाज

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बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के काले कारोबार को लेकर देश भर में माहौल गर्म हैं। एक दिन पहले तीन राज्यों के 25 ठिकानों पर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी होने के बाद धंधेबाजों में हड़कंप की स्थिति है। घर तक छापेमारी का संकेत मिलते ही धंधेबाज लग्जरी रहन-सहन छोड़ भागते फिर रहे हैं।
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थोक दवा एजेंसी के लाइसेंस पर 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप खपाने वाले लोगों के पकड़ में न आने से पुलिस की केस डायरी भी अधूरी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई हैं कि इतनी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप को खपाने में किस रिटेलर के फर्म का उपयोग किया गया है। इसका ब्योरा ड्रग कंट्रोलर एजेंसी के पास भी नहीं है।
ईडी और एसआईटी की जांच में कोडीनयुक्त सिरप के अवैध धंधे का तार बस्ती से भी जुड़ा पाया गया है। इस मामले में औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार की तहरीर पर पुरानी बस्ती और कोतवाली थाने में छह फर्म के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
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यह कार्रवाई तब हुई जब शासन के उच्च पदस्थ अधिकारियों की ओर से इस धंधे में संलिप्त यहां की दवा फर्मों को स्पष्ट रूप से इंगित किया गया। बताया जा रहा है कि इन छह फर्मों के लाइसेंस निर्गत करने में अहम भूमिका निभाने वाले जिम्मेदार मामला हाई प्रोफाइल होते देख कार्रवाई शुरू कर दिए।
लेकिन, इसी के बाद धंधेबाज अलर्ट हो गए। मुकदमा दर्ज होने के बाद कोडीनयुक्त सिरप किन-किन रिटेलरों के माध्यम से खपाया गया इसकी सटीक जानकारी न तो खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के पास है और न हीं पुलिस अभी इस तह तक पहुंच पाई है। उच्च स्तर पर चल रही जांच में पता चला है कि बस्ती के गणपति फार्मा के नाम यहीं के चार अन्य दवा एजेंसियों ने 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति की है।
यह खेल कागज में ही हुआ है। क्योंकि जिन दवा एजेंसियों द्वारा कोडीनयुक्त कफ सिरप के सप्लाई का मामला सामने आ रहा है उनके पास उस लेबल का न तो दुकान है और न ही गोदाम। स्थानीय पुलिस और विभागीय जांच में भी यहीं तथ्य सामने आ रहा है कि संबंधित फर्म अपने पते पर क्रियाशील नहीं है। अलबत्ता कोडीनयुक्त सिरप के अवैध धंधे के लिए इन फर्मों का उपयोग लंबे समय से होता रहा।
विभाग से जुड़े स्थानीय जिम्मेदार भी कागजों में संचालित संबंधित फर्मों के इस काले धंधे को पकड़ने में नाकाम रहा। इधर जब ईडी की छापेमारी शुरू हुई तो धंधेबाजों से लेकर पूरे महकमे में खलबली मची हुई है। लग्जरी ठांट- बांट में अक्सर दिखने वाले कोडीनयुक्त सिरप के धंधेबाज अब ढूंढने पर भी नहीं मिल रहे हैं। छापेमारी और धरपकड़ के भय से वह भागते फिर रहे हैं। जिससे स्थानीय पुलिस की विवेचना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इन फर्मों का लाइसेंस हुआ निरस्त : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अभी तक कोडीनयुक्त सिरप की खरीद-बिक्री में शामिल पाई गई पांडेय बाजार की खुशबू गोयल दवा एजेंसी, अमित ड्रग एजेंसी, गांधीनगर की आइडियल दवा एजेंसी और एस दवा एजेंसी का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जबकि जिला अस्पताल के संस ड्रग एजेंसी और गणपति फार्मा की जांच की जा रही है। इन सभी फर्मों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।
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