बस्ती। विजयदशमी पर तहरील क्षेत्रों में विभिन्न नदी तट और सरोवरों में मां प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। सरयू और मनोरमा नदी के किनारे देर रात तक श्रद्धालु मूर्तियों का विसर्जन करते रहे।
भक्तों ने भक्ति गीतों पर थिरकते हुए और माता को नम आंखों से विदाई और अगले वर्ष जल्दी आने की कामना की। बहादुरपुर क्षेत्र के प्रतापपुर की प्रतिमाएं सोंधिया घाट पर विसर्जित की गईं। प्रधान अजीत सिंह, नरेंद्र पांडेय, इंद्रजीत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, संतोष सिंह, नागेंद्र सिंह, प्रदीप यादव के नेतृत्व में विशाल भंडारा आयोजित किया गया।
कलवारी संवाद के अनुसार, कुसौरा, भोयर, मठियवा, गंगऊपुर और गायघाट से स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन कठौआ पुल, अकसड़ा, रामपुर, डारीडीहा और केंवचा घाट पर हुआ। क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी और थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह टीम के साथ घाटों की सुरक्षा में लगे रहे।
वाल्टरगंज संवाद के अनुसार, क्षेत्र के बक्सई घाट पर मार्ग पर गड्ढों के कारण श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। रघुनाथपुर से आने वाले श्रद्धालु भी इन गड्ढों से सुरक्षित होकर ही घाटों तक पहुंचे। पुलिस प्रशासन मौजूद रहा और हादसों से बचाव किया। मनौरी, हड़िया, खझौला और विशुनपुरवा चौकी क्षेत्रों में 154 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
मनौरी चौकी क्षेत्र में बौध मंदिर पड़िया खास, हड़िया में टेमा रहमत, बड़कुईया ताल और बाघनगर पुल, खझौंला में टेमा रहमत और बाघनगर पुल तथा भादी खुर्द में भादीश्वरनाथ शिव मंदिर पोखरा पर प्रतिमाओं का विसर्जन सम्पन्न हुआ। विसर्जन से पहले आयोजकों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया।
लालगंज संवाद के अनुसार, जय मां शीतला समिति के तत्वावधान में मनवर कुआनो के संगम तट पर रावण के 35 फुट लंबे पुतले का दहन हुआ। इससे पहले बाजार से श्रीराम-सीता, भगवान शिव-पार्वती और हनुमान जी की झांकी निकाली गई। उसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पैकोलिया संवाद के अनुसार, क्षेत्र में स्थापित 122 प्रतिमाओं में से 120 का विजयदशमी को पचपेड़वा चौराहा, कुर्दा के पोखरवा, घुघुरिया घाट, बेलभरिया, राम गुलाम, रवई पुल और बिगववीर में विसर्जन किया गया।
मुंडेरवा संवाद के अनुसार, महादेवा बाजार, नेवारी, लोइयाभरी कला, छतौरा, सिसई पंडित मनिकौरा कला, भैंसा पांडेय, कोपमं, झरिया, कुरियार, गौरा उपाध्याय, आम कोइल, अमाईपार, दतूआखोर और लहरी में भी विसर्जन शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
महराजगंज संवाद के अनुसार, मनोरमा नदी मोक्ष घाट तथा पेंदा घाट पर श्रद्धालुओं ने देर रात तक विसर्जन किया। भक्तगण गुलाल और अबीर उड़ाते हुए भक्ति गीतों पर थिरकते और माता को नम आंखों से विदाई देते हुए दिखे। पुलिस प्रशासन माैजूद रहा। मोक्ष घाट (मुर्दहवा)पेंदा घाट मनोरमा नदी में देर रात तक दुर्गा प्रतिमाओं का अंधेरे में विसर्जन किया गया। प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। आपात स्थिति के लिए नाव व नाविक की भी व्यवस्था नहीं थी। लोगों ने मेले आनंद उठाया।
नगर बाजार संवाद के अनुसार, पोखरा घाट, अकसड़ा, और सोंधिया घाट पर दो चरणों में 130 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा, बिजली, पेयजल और गोताखोरों की तैनाती सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। थाना प्रभारी विश्व मोहन राय ने बताया कि विसर्जन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए थे।
नगरबाजार, फुलवरिया निषाद, हनुमानगढ़ी, राज कोट चौराहा और मुख्य मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति के साथ भाग लिया। फुलवरिया निषाद में पूड़ी, सब्जी, हलवा और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। जबकि हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में भजनों की मधुर स्वरलहरियों के बीच भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। राज कोट चौराहे पर युवा संगठनों ने आयोजन का प्रबंधन किया और मुख्य मार्ग पर स्थानीय व्यापारियों तथा सामाजिक संगठनों ने सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि नवरात्रि का यह पर्व हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है। आयोजन में स्वच्छता और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, और श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।
छावनी संवाद के मुताबिक क्षेत्र में कुल 117 प्रतिमाओं में से 106 प्रतिमाओं का विसर्जन रामरेखा और सरयू नदी में संपन्न हुआ। धीरौली गांव की एक प्रतिमा शुक्रवार को सरयू नदी में विसर्जित की जाएगी, जबकि बाकी बची प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णमासी के दिन किया जाएगा।
कप्तानगंज संवाद के अनुसार थाना क्षेत्र के कई घाटों पर शारदीय नवरात्र के अवसर पर कुल 107 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों और भक्ति भाव के साथ मां दुर्गा को विदाई दी और पूजा-अर्चना की। विसर्जन पंडूल घाट, ऐकटकवा घाट, पिपरौल घाट, कठार जंगल घाट, संगहा घाट और पढ़नी घाट पर देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने डीजे की धुन पर नाच-गाने और जयकारों के साथ मां को अंतिम विदाई दी।सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एलर्ट रहे। सीओ कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी और एसओ आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, विक्रमजोत, कल्यानपुर और मुंडेरीपुर में कुल 31 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। सुबह से ही थानाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद, चौकी इंचार्ज शशिशेखर सिंह, ब्लॉक एडीओ सहकारिता नरेश शुक्ला और पंचायत प्रतिनिधि राममूर्ति सिंह ने प्रकाश, रास्ता और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। विक्रमजोत, उदयपुर, दुभरा निवर्हन, नियामतपुर, शंकरपुर, छतौना, पटकापुर, बछईपुर, खतमसराय आदि गांवों में झांकियां भी निकाली गईं।
बभनान में डोली वाली मां दुर्गा की प्रतिमा काे श्रद्धालुओं ने 9 किलोमीटर पैदल विसर्जन के लिए कंध
बभनान में डोली वाली मां दुर्गा की प्रतिमा काे श्रद्धालुओं ने 9 किलोमीटर पैदल विसर्जन के लिए कंध
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बभनान में डोली वाली मां दुर्गा की प्रतिमा काे श्रद्धालुओं ने 9 किलोमीटर पैदल विसर्जन के लिए कंध
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