बढ़ रहा है हार्ट और ब्रेन स्टोक का खतरा, पांच दिन मे जिला अस्पताल में 62 ईसीजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम का तापमान गिर रहा है। सर्द हवा ने ठंड बढ़ा दी है। ऐसे समय में सुबह सैर करने वालों को सर्तक हो जाना चाहिए। खासकर ऐसे लोग जो मधुमेह और रक्तचाप के मरीज हैं। उन्हें सुबह टहलने के समय खास सतर्कता बरतने की जरूत है। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह के समय ठंड के कारण नसों में खून का प्रवाह धीमा रहता है। दौड़ना या कठिन परिश्रम करना हार्ट या ब्रेन स्ट्रोक के आशंका को बढ़ा देता है।
मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। पूरे दिन सर्द हवा चल रही है। जिला अस्पताल में हृदय और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन और परामर्श चिकित्सकों के पास रोज 30 से 40 मरीज सांस के और 15 से 20 मरीज हृदय रोग के पहुंच रहे है। स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक ईसीजी कराने की भी मरीजों को सलाह भी दे रहे है।
पिछले पांच दिन में जिला अस्पताल में 62 मरीजों की ईसीजी कराई गई। प्राइवेट अस्पतालों में भी हृदय और सांस रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के परामर्श चिकित्सक डॉ. मोहम्मद जमा का कहना है कि सर्द मौसम में ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं। ऐसे समय दौड़ना या कठिन परिश्रम करना हार्ट अटैक और ब्रेन स्टोक के खतरे को बढ़ा देता है। सुबह सैर पर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह देर से टहलने निकले और गरम वस्त्र पहनें। मधुमेह और शुगर के रोगी को और भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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ये बरतें सावधानी
सुबह देर से टहलने निकलें।
सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाएं।
सिर पर कैप और हाथों में दास्ताना पहनें।
हल्का व्यायाम करें।
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सुबह सैर करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। मगर, सर्द मौसम और कोहरे के बीच सुबह की सैर करने से परहेज करना चाहिए या निकलें तो सतर्कता के साथ। सिर पर कैप लगाकर और गरम वस्त्र पहनकर निकलें। पानी पीते रंहे। ठंड से शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं। मधुमेह और रक्तचाप के मरीज विशेष सतर्कता बरतें।
- डॉ रामजी सोनी, चेस्ट फिजिशियन, जिला अस्पताल