संवाद न्यूज एजेंसी
छावनी। विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र का बीडीसी सूदखोरों के जाल में ऐसा फंसा कि उसे जमीन-जायदाद बेच देना पड़ा। इसके बावजूद रकम अदा नहीं कर पाया तो घर छोड़कर भाग गया।
इसके बावजूद सूदखोर उस पर दबाव बनाए हुए हैं। सूदखोरी करने वाला छावनी थाने का एक चौकीदार भी शामिल है। परेशान होकर बीडीसी ने एडीजी आर्थिक अपराध शाखा और आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, विक्रमजोत ब्लाॅक के खानकला से बीडीसी प्रेम कुमार कसौधन सूदखोरों के जाल में फंसकर डेढ़ साल से कस्बे से लापता है। उसने कुछ साल पहले जन सेवा केंद्र खोल था। इसके लिए रुपये उधर लिए थे।
पुलिस को दी गई शिकायती पत्र के अनुसार उसने छावनी थाने के एक चौकीदार व छावनी कस्बे के एक युवक से 50-50 हजार रुपये उधार लिए थे। रकम चुकाने में जमीन-जायदाद बेच देना पड़ा।
सूदखोरों को 10 प्रतिशत ब्याज की दर से रुपये चुकाने पर भी वे 20 प्रतिशत ब्याज देने का दबाव बना रहे थे। फलस्वरूप वह कस्बे से लापता हो गया। एक सप्ताह बाद लौटने पर जान से मारने और घर कब्जा करने की धमकी दी गई।
उसने बस्ती पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि सीओ हर्रैया के यहां दबाव बनाकर सुलह-समझौता करा दिया गया। इसी दौरान सूदखोर पुलिसकर्मी के साथ घर आकर रुपये के लिए दबाव बनाने लगे। इसके बाद बीडीसी फिर भाग गया। वर्तमान में वह अयोध्या में मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा है। थानाध्यक्ष छावनी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आईजीआरएस पर शिकायत की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।