संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में 13 साल से अनवरत आयोजित होने वाले मिनी मैराथन दौड़ का रूट इस बार बदलना पड़ा। मैराथन से पहले मालवीय मार्ग पर एक लेन की सड़क दुरुस्त करने की तैयारी आखिरकार फेल हो गई। निविदा प्रक्रिया पूरी कराने के बाद भी बीडीए कार्य नहीं करा सका।
खस्ताहाल सड़क होने के नाते आयोजन समिति को मैराथन का रूट अंतिम दौर में बदल देना पड़ा। अब विभिन्न जनपदों से आने वाले साढ़े चार हजार धावकों को गांधीनगर मार्ग पर ही दौड़ाया जाएगा। एक लेन से धावक रोडवेज नेहरू तिराहा तक जाएंगे और यहीं से यूटर्न लेकर दूसरी लेन से लौट आएंगे। हर बार मैराथन दौड़ स्टेडियम से गांधीनगर मार्ग होते हुए रोडवेज नेहरू तिराहा से मालवीय मार्ग के रास्ते स्टेडियम पहुंचकर समाप्त होती थी। इस बार मालवीय मार्ग की सड़क बुरी तरह जर्जर है। बड़े- बड़े गड्ढे और उखड़ी गिट्टियों के चलते इस सड़क पर पैदल भी चलने लायक नहीं है।
एक माह से मैराथन दौड़ की तैयारी शुरू होते ही प्रशासन ने भी सड़क दुरुस्त कराने का दावा करना शुरू कर दिया। बीडीए की ओर से निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। मगर यह पूर्ण होते- होते देर लग गई। इसी सप्ताह मंगलवार को निविदा आवंटित हुई है। इसके बाद कार्य आदेश ठेकेदार को जारी कर दिया। दावा किया गया कि मैराथन से ठीक पहले एक लेन की सड़क के गड्ढे भरकर एक कोट पिचिंग कार्य करा दिया जाएगा। ताकि धावकों को दौड़ लगाने में दिक्कत न हो।
अंदरखाने की खबर है कि ठेकेदारों ने इतने कम समय में कार्य करा पाने से लाचारगी जता दी। इस वजह से सड़क नहीं बन पाई। विवश होकर आयोजन समिति को मैराथन दौड़ का रूट परिवर्तित करना पड़ा है। अब स्टेडियम से शुरू मैराथन दौड़ गांधीनगर मार्ग के एक लेन से रोडवेज नेहरू तिराहा पहुंचेगी, और यहीं यूटर्न होकर दूसरे लेन से वापस स्टेडियम आ जाएगी। इससे धावकों को धूल और गड्ढा युक्त सड़क पर दौड़ने से बचाया जा सकता है।