मानिकचन्द। साइकिल लेकर टहलने निकले तीनों बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि यह हादसा है। आदित्य और आयुष के पिता रमेश चंद्र और मां चंद्रशीला तो चीख-चीखकर कह रही हैं कि उनके बच्चों की हत्या करके शव पानी फेंक दिया गया।
गांव के लोग भी असमंजस में कहते हैं कि साइकिल बाहर खड़ी करके तीनों एक साथ गड्ढे में जाकर डूब गए, इसे कैसे मान लिया जाए। उनकी दलील है कि अगर वे नहाते समय डूबे होते तो कपड़े उतारकर पानी में उतरे होते। साइकिल लेकर अनियंत्रित हुए होते तो साइकिल पानी के बाहर कैसे मिलती।
घटना को लेकर ऐसे तमाम सवाल उठ रहे हैं, लेकिन यकीनी तौर पर किसी के पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है। जबकि तीनों शवों के पोस्टमार्टम में डूबकर मौत की पुष्टि भी हो चुकी है।
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के लोहरौली गांव के तीनों बालक आदित्य, आयुष और विराट का गड्ढे में शव मिलने की जिसे भी जानकारी हुई, उसके मुंह से आह निकल गई। सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए थे। बच्चों के चेहरे व शरीर पर कई जगह जोंक चिपके नजर आए। जिससे कटे का निशान दिख रहा था।
आयुष और आदित्य के परिवार के लोगों को इसीलिए और भी संदेह हो रहा था। मगर तीनों के पेट से काफी मात्रा में पानी निकलने के कारण मौके पर मौजूद पुलिस और अनुभवी लोगों ने वहीं पर मान लिया था कि तीनों की पानी में डूबने से मौत हुई है।
भट्ठे की ईंट बनाने के लिए उस गड्ढे की मिट्टी निकाली गई थी। गांव के लोगों ने बताया कि पूर्व प्रमुख रहे एक व्यवसायी ने गांव के किशोर चन्द शुक्ला का लीज पर खेत लेकर जेसीबी से मिट्टी की खुदाई कराई था। जेसीबी से खोदाई होने की वजह से काफी गहराई तक खनन कर दी गई। बारिश का पानी भर जाने के बाद अंदाजा नहीं लग रहा कि वहां की गहराई कितनी होगी। कहीं न कहीं तीनों बालक इसी गफलत का शिकार हुए।