कप्तानगंज। कस्बे में सोमवार को कांवड़ियों का तेवर देखकर कस्बे के लोग सकते में आ गए। कांवड़ियों का झुंड फोरलेन से गुजर रहे बाइक सवारों को जबरन रोकने लगा। कई कांवड़ियों तक टेंपो अयोध्या की ओर जाने से रोक दिए गया।
कस्बे में पुलिस के हूटर की आवाज गूंजने लगी और फोर्स बढ़ता देखकर आसपास के लोग घरों में दुबक गए। लोगों को लगने लगा था कि अब बात बढ़नी तय है। उन्हें 2016 का वह मंजर याद आ गया, जिसमें गोरखपुर के जिला जज की कार में तोड़फोड़ के बाद बवाल हुआ था। इसमें एक कांवड़िया की मौत भी हुई थी। सड़क पर उतर चुकी लाखों कांवड़ियों की भीड़ के जगह-जगह उग्र होने की आशंका से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव भी फूलने लग गए। किसी भी कीमत पर वे भड़के लोगों को शांत करने की आजमाइश में जुटे रहे। एक अधिकारी हाथ जोड़कर विनती करते हुए नजर आए मगर गुस्से से तमतमाए कांवड़ियों ने उनकी बात को नजर अंदाज कर दिया। जब बात नहीं बनी तो अधिकारियों ने अपना पैतरा बदल दिया। एएसपी ओपी सिंह सहित कई अधिकारी कांवड़ियों की तरह बोलबम के नारे लगाने लगे।