बस्ती। सावन में शिव को खुश करने का हर जतन हो रहा है। उनकी पूजा का शुभ मुहूर्त श्रावण तेरस, तप-तपस्या, दान-पुण्य, सेवा, पूजन-अर्चन से दिव्य और नव्य बन गया है। देवघर की तरह भद्रेश्वरनाथ धाम से अयोध्या तक भगवान शिव का दरबार सज गया है। चप्पे-चप्पे पर हर-हर महादेव की गगनभेदी गूंज है। अयोध्या से भद्रेश्वरनाथ तक 70 किमी की यह दूरी शिवभक्तों से भर गई है।
अयोध्या सरयू के तट से पवित्र जल के साथ प्रारंभ यह यात्रा बस्ती भद्रेश्वरनाथ धाम पर आकर समाप्त हो रही है। अधिकांश श्रद्धालु पूरी कांवड़ यात्रा नंगे पैर पैदल चलकर पूरी कर रहे हैं। बाेझिल कदम, थके बदन के बाद भी श्रद्धालु अपनी यात्रा लगभग पूरी कर रहे हैं। भद्रेश्वरनाथ मंदिर से हाईवे के तिलकपुर शिवमंदिर तक 12 किमी की दूरी में शिवभक्तों का डेरा लगा है। घर-ढाबा, चाय-पान की दुकान, सड़क की पटरिया, फ्लाईओवर की रेलिंग, डिवाइडर के बीच की जगह, अमहट घाट की सीढि़यां, मंदिर, स्कूल के बरामदे और परिसर यह सब शिवभक्तों का ठिकाना बना हुआ है। यहां विश्राम के साथ हर किसी को तेरस मुहूर्त का बेसब्री से इंतजार है। जैसे ही रात में इस मुहूर्त का आगाज होगा शिव भक्त बोल-बम की गूंज करते हुए शिवलिंग की ओर बढ़ चलेंगे।