फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं खुला मौत का राज, गुत्थी उलझी

विज्ञापन
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं खुला मौत का राज, गुत्थी उलझी
विज्ञापन

- ओपेक चिकित्सालय के लिफ्ट में कंकाल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ओपेक चिकित्सालय कैली में पहली सितंबर को मिले कंकाल के मौत की गुत्थी उलझ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा नहीं हो सका है कि यह कंकाल कितना पुराना है और मौत कब हुई थी। हालांकि यह जानकारी मिली है कि कंकाल पुरुष का है। कंकाल की जांच के लिए उसे लखनऊ भेजने की तैयारी शुरू हो गई है।
ओपेक चिकित्सालय के वर्ष 1997 में कुल छह लिफ्ट लगे थे। इनमें से चार का उपयोग तो कभी कभार होता था, मगर पिछले हिस्से में स्थित दो लिफ्ट बंद की ही स्थिति में रहा। इसका कारण वहां के कर्मी बताते हैं कि लिफ्ट के ऊपरी हिस्से में वार्ड का कार्य नहीं हो सका था, ऐसे में इस लिफ्ट के संचालन का कोई कारण नहीं था। हालांकि यह लिफ्ट काम करती थी, क्योंकि पहली सितंबर को ठेकेदार ने जब इसके दरवाजों को खोला तो लिफ्ट की केबिन ऊपरी तल पर थी, जबकि उसके निचले हिस्से यानी गड्ढे में नर कंकाल पाया गया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में कंकाल की बात सामने आते ही वहां सनसनी फैल गई थी। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने पुलिस को सूचित किया और मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंची और कंकाल को सील कर अपने साथ ले आई। प्राचार्य डॉ. कुमार ने बताया कि पुराने कर्मी लिफ्ट के कभी भी संचालन की जानकारी होने से इंकार करते हैं। जबकि ढाई साल से तो संचालन नहीं हुआ है। इसे मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी देख रहा है। उन्होंने कहा कि लिफ्ट में फंसने से कोई मौत नहीं हुई है, क्योंकि केबिन तो ऊपर था, जबकि कंकाल नीचे गड्ढे में था। ऐसे में लगता है कि किसी ने शव को यहां लिफ्ट का दरवाजा खोलकर भीतर डाल दिया है। हालांकि यह जांच का विषय है, मगर यह मामला लिफ्ट में फंसकर मौत का नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शिवाकांत मिश्र ने कहा कि कंकाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केवल यह साबित हो सका है कि यह पुरुष का है। कब का अथवा मौत का क्या कारण है की जांच के लिए इसे लखनऊ भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यह सही है कि मौत लिफ्ट के केबिन में फंसने से नहीं हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें